मुज़फ्फरनगर। मुज़फ्फरनगर में मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान ने अचानक रफ्तार पकड़ ली है। पिछले कुछ दिनों में मृत, लापता और स्थानांतरित आधार पर सवा लाख से अधिक नाम काटे जाने के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में है। कई इलाकों में एक ही मतदाता के तीन–तीन वोट मिलने के मामले भी सामने आए हैं, जिससे सूची की सटीकता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। इसी बीच छह विधानसभा क्षेत्रों में मुज़फ्फरनगर सदर सबसे धीमी प्रगति वाला क्षेत्र बना हुआ है, जहां केवल 67 प्रतिशत मतदाताओं के प्रपत्र भरे जा सके हैं।
उधर अलीगढ़ में कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मतदाता पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा बैठक में अलीगढ़ और मुज़फ्फरनगर दोनों को फर्जी वोटों के संवेदनशील जिले करार दिया। मुख्यमंत्री ने देरी से चल रहे एसआईआर कार्य पर नाराज़गी जताते हुए पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अंतिम तिथि नजदीक है, इसलिए टीमें बनाकर घर-घर सत्यापन तेज किया जाए।मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि मतदाता सूची में किसी मृत व्यक्ति, बाहरी नाम या डुप्लीकेट वोट को रहने देना गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। प्रशासनिक मशीनरी को अगले चार दिनों में पूरे अभियान को सटीक और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
