इस दौरान दौरान नगर आयुक्त सुधीर कुमार, अपर नगर आयुक्त आवेश खान और क्षेत्रीय पार्षद सौरभ देव मौजूद रहे। प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए और कहा कि यह भवन गरीब और वंचित वर्ग के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा।
बताते चलें कि करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह प्रोजेक्ट जेसीआई कानपुर इंडस्ट्रियल और नगर निगम के सहयोग से साकार हो रहा है। जिसका पूरा खर्च जेसीआई सदस्यों के सीएसआर फंड से वहन किया जा रहा है। इस भवन में सौर ऊर्जा, आधुनिक रसोईघर, भव्य हॉल और पर्याप्त पार्किंग जैसी सुविधाएं होंगी। ग्रीन बिल्डिंग मानकों पर आधारित यह ढांचा 2500 वर्गमीटर क्षेत्र में 4500 वर्गफुट का निर्माण समेटेगा।
जेसीआई अध्यक्ष प्रनीत अग्रवाल ने बताया कि करार के मुताबिक नगर निगम को पहले ही दो करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए गए हैं, ताकि काम में किसी भी तरह की देरी न हो। भवन का उद्घाटन सामूहिक विवाह जैसे मांगलिक आयोजन से किया जाएगा, जिससे इसकी उपयोगिता और भी बढ़ेगी।
मंगल भवन की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि गरीब परिवार यहां सिर्फ 11 हजार रुपये में विवाह और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित कर सकेंगे। यह भवन केवल ईंट और सीमेंट का ढांचा नहीं होगा, बल्कि गरीबों की खुशियों की छांव और आत्मसम्मान का प्रतीक बनेगा।
गौरतलब है कि, जेसीआई कानपुर इंडस्ट्रियल 1982 से शहर में विकास और सामाजिक कार्यों से जुड़ा रहा है। ब्लड बैंक, बच्चों के स्कूल, स्मार्ट शेल्टर होम और चौराहों के सौंदर्यीकरण जैसे प्रोजेक्ट्स के बाद अब मंगल भवन उसकी विकास यात्रा में नया अध्याय जुड़ने जा रहा है।
