दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन की घोषणा की है। इस पहल का मकसद शहर को व्यापारियों के अधिक अनुकूल बनाना है। दिल्ली व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा द्वारा अपने घोषणापत्र में किए गए प्रमुख वादों में से एक था।

मुख्यमंत्री ने कहा, “इसके तहत सरकार का लक्ष्य शहर में व्यापार और उद्योग को पुनर्जीवित करना है। बोर्ड व्यापारियों के हितों को बढ़ावा देने और शहर की आर्थिक वृद्धि में योगदान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”

उन्होंने कहा कि मुख्य रूप से व्यापारियों और उद्योगपतियों की जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से, बोर्ड नीति निर्माण, नियामकीय चुनौतियों, व्यापारियों के कल्याण, रोजगार को बढ़ावा देने और निवेश पर ध्यान केंद्रित करेगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड की अध्यक्षता उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा करेंगे। इसमें 15 सदस्यीय समिति होगी। समिति में नौ व्यापार जगत के लोग और छह सरकारी अधिकारी शामिल होंगे।

गुप्ता ने कहा, “इसके तहत सरकार 10 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता भी प्रदान करेगी, जिसे बजट में आवंटित किया गया है और इसका उपयोग कल्याणकारी योजनाओं के लिए किया जाएगा।”

उन्होंने कहा कि बोर्ड कानूनी सहायता भी प्रदान करेगा, कार्यक्रम आयोजित करेगा और सरकार और व्यापारियों के बीच संचार की सुविधा के लिए एक आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) पोर्टल बनाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, “बोर्ड का उद्देश्य नियामक ढांचे को सरल बनाना, व्यापारियों के लिए नियामकीय चुनौतियों को कम करने के लिए प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना, कल्याणकारी योजनाओं को लागू करना है। यह एक ऐसा माहौल भी विकसित करेगा जो रोजगार और निवेश के अवसरों को बढ़ावा देगा।”


बोर्ड, सरकार और व्यापारिक समुदाय के बीच ‘पुल’ का काम भी करेगा और उनके सुझावों और चिंताओं को सीधे नीति- निर्माताओं तक पहुंचाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के व्यापार एवं कर विभाग में करीब आठ लाख व्यापारी पंजीकृत हैं।

इस नए बोर्ड के तहत, प्रदेश सरकार निवेशकों को आकर्षित करने और आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए हर दो साल में दिल्ली में पहली बार वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन भी आयोजित करेगी।

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