उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माताजी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वाले मौलाना अब्दुल्ला सलीम की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मौलाना के भड़काऊ बयान के बाद पूरे प्रदेश में जनाक्रोश फूट पड़ा है। राजधानी लखनऊ से लेकर वाराणसी तक हिंदूवादी संगठन और आम जनता सड़कों पर उतर आई है।
लखनऊ की सड़कों पर मौलाना को फांसी देने की मांग
राजधानी लखनऊ के पॉश इलाकों और सरकारी दफ्तरों के बाहर मंगलवार रात को मौलाना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के पोस्टर लगाए गए। वीवीआईपी गेस्ट हाउस, नगर निगम कार्यालय, अलीगंज, आलमबाग और गोमतीनगर जैसे क्षेत्रों में लगे इन पोस्टरों में मौलाना को फांसी पर लटकाने की मांग की गई है। शहर भर में गुस्सा इस कदर है कि बुधवार को लखनऊ में एक बड़े विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है।
सिर कलम करने वाले को 21 लाख का इनाम
मौलाना के बयान से साधु-संतों और हिंदू संगठनों में भारी नाराजगी है। वाराणसी में हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने मौलाना का पुतला दहन किया। इस दौरान उग्र प्रदर्शनकारियों ने एलान किया कि जो कोई भी मौलाना अब्दुल्ला सलीम का सिर कलम करेगा, उसे 21 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। लखनऊ के अटल चौराहे पर भी युवाओं ने प्रदर्शन कर मौलाना की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई।
120 थानों में केस दर्ज, कानूनी शिकंजा कसा
मौलाना के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का सिलसिला भी तेज हो गया है। अब तक यूपी के अलग-अलग जिलों (बलरामपुर, बलिया, अलीगढ़ आदि) के 120 से ज्यादा थानों में शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। बीजेपी पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्रों का कहना है कि खुद को ‘चतुर्वेदी’ लिखने वाले इस मौलाना को किसी की मां के खिलाफ अपशब्द कहने का कोई अधिकार नहीं है।
क्या था पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में मौलाना अब्दुल्ला सलीम एक जनसभा को संबोधित करते हुए गोकशी के खिलाफ बने कानूनों की आलोचना कर रहा था। इसी दौरान उसने मर्यादा की सभी सीमाएं लांघते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां को लेकर बेहद गंदी और अभद्र टिप्पणी की। उसने भड़काऊ लहजे में कहा कि यूपी में कानून इतना सख्त है कि अगर किसी के पास सीएम की मां का मांस मिल जाए, तो पुलिस एनकाउंटर कर देती है। एक बार नहीं, बल्कि मौलाना ने बार-बार मंच से इन अपशब्दों को दोहराया।
