जम्मू-कश्मीर की सियासत में इन दिनों बयानों की तीर-खूब चल रहे हैं. हाल ही में पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के शहबाज शरीफ ने कश्मीर को लेकर एक बार फिर पुरानी राग अलापा, लेकिन इस बार जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उन्हें आईना दिखाने में जरा सा भी देरी नहीं की. जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बहुत ही सरल लेकिन तीखे अंदाज में पाकिस्तान की मौजूदा हालत पर तंज कसते हुए कहा कि जो मुल्क अपनी वर्तमान सीमाओं को संभाल नहीं पा रहा है वो भला दूसरों का क्या संभालेगा?

जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने पाक पीएम शहबाज शरीफ के कश्मीर वाले राग पर करारा तंज कसा है. हाल ही में शहबाज शरीफ ने कश्मीर को पाकिस्तान की शाहरग यानी मुख्य अंग बताते हुए इसे पाकिस्तान का हिस्सा बनने का दावा किया था. इस पर तंज कसते हुए उमर अब्दुल्ला ने दो टूक में जवाब दिया है और कहा है कि इस्लामाबाद के पास जो पहले से है वह उसे ही नहीं संभाल पा रहे हैं.
शुक्रवार को एक सवाल के जवाब में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने पाक पर तंज कसते हुए कहा कि हम उनका हिस्सा बनेंगे? उनके पास जो पहले से है वे उसे तो संभाल नहीं पा रहे हैं. वे हमारा क्या करेंगे?

शहबाज शरीफ का बयान  
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान ने 5 फरवरी को कश्मीर एकजुटता दिवस मनाया था. इस दौरान पाक पीएम शहबाज शरीफ ने PoK की विधानसभा में मोहम्मद अली जिन्ना के पुराने बयान को दोहराया था. वहीं भारत हमेशा से कड़ा रुख अपनाते हुए कह चुका है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा. भारत के गृह मंत्री अमित शाह भी कई मौकों पर कह चुके हैं कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर भी भारत का है और इसे वापस लिया जाएगा.

सिंधु जल समझौते पर भी बोले मुख्यमंत्री 
सिर्फ यहीं नहीं जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला सिंधु जल समझौते को स्थगित रखे जाने के सवाल पर भी बोले. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अभी तक इसका कोई सीधा फायदा जम्मू-कश्मीर को नहीं मिला है. उन्होंने साफ किया कि रतले और पाकल डुल जैसे मौजूदा प्रोजेक्ट्स के डिजाइन या क्षमता में कोई बदलाव नहीं होगा. हालांकि उन्होंने भविष्य के लिए उम्मीद जताई कि अगर संधि के नियमों में ढील मिलती है तो नए प्रोजेक्ट्स पर पाबंदियां कम होंगी. इससे झेलम में पानी बढ़ाया जा सकेगा और वुलर झील को बचाने में मदद मिलेगी. इससे उरी-1 और उरी-2 जैसे पावर प्रोजेक्ट्स की बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ सकती है.

इसके साथ ही सीएम ने चिनाब नदी के पानी को अखनूर के पास मोड़ने की बात कही, जो न केवल जम्मू को हरा-भरा करेगा बल्कि जल कूटनीति में भारत की स्थिति भी मजबूत करेगा.

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