मुजफ्फरनगर। छपार टोल प्लाजा हत्याकांड अब एक नए विवाद में उलझता दिख रहा है। रालोद नेता विनोद मलिक की तहरीर पर पुलिस ने मांगेराम त्यागी सहित तीन टोल कर्मियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामला टोल प्रबंधन में दखल, कार्य में बाधा डालने और रंगदारी मांगने से जुड़ा बताया जा रहा है।पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 19 सितंबर को डिप्टी मैनेजर की हत्या के बाद टोल कर्मचारियों ने मांगेराम त्यागी के नेतृत्व में कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया था। हड़ताल के चलते टोल संचालन कई दिनों तक पूरी तरह ठप रहा, जिससे कंपनी को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। इस दौरान प्रबंधन से मारपीट और धमकी के आरोप भी सामने आए हैं।
रालोद नेता विनोद मलिक ने अपनी शिकायत में कहा कि मांगेराम त्यागी, शिव और शुभम ने जानबूझकर टोल कर्मियों को उकसाया और कंपनी से हर महीने एक लाख रुपये वसूलने की साजिश रची। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि इन लोगों ने टोल संचालन ठप कराकर प्रबंधन पर दबाव बनाने की कोशिश की।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश पर छपार थाना पुलिस ने जांच के बाद तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे प्रकरण की तहकीकात की जा रही है। जो भी व्यक्ति इस आपराधिक साजिश में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।सूत्रों के अनुसार, जाँच टीम अब टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स के आधार पर घटना की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़ी कई और परतें खुल सकती हैं।
