सीबीआई के अनुसार, इंजीनियर पर एक ठेकेदार से उसके लंबित बिलों का भुगतान करने के लिए कुल बिल राशि का 3 फीसदी कमीशन के रूप में रिश्वत मांगने का आरोप है।
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने 28 जुलाई 2025 को मामला दर्ज किया और उसी दिन जाल बिछाकर आरोपित को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद सीबीआई की टीम ने दिल्ली और जयपुर में अभियंता के ठिकानों पर छापेमारी भी की, जिसमें 1.60 करोड़ रुपये नकद, संपत्ति के कई दस्तावेज, बैंक खातों में जमा बड़ी राशि और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए।
गिरफ्तारी के बाद आरोपित से पूछताछ की जा रही है। सीबीआई यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह रिश्वतखोरी सिर्फ एक मामला है या किसी बड़े भ्रष्टाचार के नेटवर्क का हिस्सा है।
