पुरुष और महिला टेनिस सर्किट करीब 11 महीने तक चलते हैं और लंबे प्रारूप के कारण खिलाड़ियों पर शारीरिक और मानसिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। एशियाई स्विंग के दौरान गर्मी और नमी की वजह से कई खिलाड़ियों को चोट और थकान के कारण टूर्नामेंट से हटना पड़ा।

इस बीच प्रोफेशनल टेनिस प्लेयर्स एसोसिएशन ने मार्च में खेल की शासी संस्थाओं के खिलाफ मुकदमा दायर किया था, जिसे “अस्थिर शेड्यूल” बताया गया था।

टोक्यो में खिताब जीतने के बावजूद टखने की चोट से जूझ रहे अल्कराज ने इसके बाद शंघाई टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया था, लेकिन अब उनका ‘सिक्स किंग्स स्लैम’ में उतरना, जहां $1.5 मिलियन (करीब 12.5 करोड़ रुपये) की उपस्थिति राशि और $6 मिलियन (करीब 50 करोड़ रुपये) का विजेता चेक है, आलोचना का विषय बन गया।

अल्कराज ने आलोचना पर कहा, “यह फॉर्मेट बिल्कुल अलग है। प्रदर्शनी मैचों में उतनी मानसिक और शारीरिक थकान नहीं होती जितनी आधिकारिक टूर्नामेंट में 15-16 दिन लगातार खेलने पर होती है। यहां हम बस 1-2 दिन मज़े के लिए खेलते हैं और दर्शकों को एंटरटेन करते हैं।”

पिछले साल के विजेता जैनिक सिनर भी इस बार रियाद में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने शंघाई में क्रैम्प्स की वजह से जल्दी बाहर होने के बाद प्रदर्शनी इवेंट को चुना।

अल्कराज ने कहा, “मैं आलोचना को समझता हूं, लेकिन कई बार लोग हमारी स्थिति और भावनाओं को नहीं समझ पाते। इतने लंबे टूर्नामेंट्स की तुलना में प्रदर्शनी खेल मानसिक रूप से थकाने वाले नहीं होते।”

अल्कराज को टूर्नामेंट में सीधे सेमीफाइनल में बाई मिली है और उनका मुकाबला गुरुवार को टेलर फ्रिट्ज से होगा। उन्होंने बताया कि उनका टखना अभी पूरी तरह फिट नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं 100 प्रतिशत फिट महसूस नहीं कर रहा हूं, कोर्ट पर मूवमेंट के दौरान अभी भी संदेह बना रहता है, लेकिन काफी सुधार हुआ है और मैं सिक्स किंग्स स्लैम में अच्छा प्रदर्शन करने को तैयार हूं।”

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By editor

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