गुरुवार के प्रशिक्षण कार्यक्रम में नौकायन के साथ कैडेटों को सीमनशिप, बोट रिगिंग और आपातकालीन परिस्थितियों, विशेषकर बाढ़ के दौरान बचाव कौशल का व्यावहारिक ज्ञान दिया गया। इसके अतिरिक्त एक विशेष दल को ट्रैकिंग हेतु टिफिन टॉप भेजा गया, जहां उन्हें टीम वर्क और निर्णय क्षमता को व्यवहार में लाने का अवसर मिला।
पर्यावरणीय चेतना को प्रोत्साहित करने के िलए कैडेटों ने ‘पेड़ लगाओ, धरती बचाओ’ विषय पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसे स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों से प्रशंसा प्राप्त हुई। नाटक के उपरांत सभी कैडेटों ने पौधरोपण कर पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया।
कमान अधिकारी कैप्टन मृदुल शाह ने शिविर की गतिविधियों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व को निभाना ही एक आदर्श सैनिक और सजग नागरिक की पहचान है। कैडेटों ने इस समन्वय का श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत किया है। शिविर संचालन में लेफ्टिनेंट कमांडर अनिल मनहास, विक्रांत सिंह, रवि कुमार, सतीश शर्मा तथा सनी कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
