द बलूचिस्तान पोस्ट की खबर के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग ने पिछले सोमवार को बीएलए और उसकी विशेष इकाई मजीद ब्रिगेड को अपनी एफटीओ सूची में शामिल किया है। इस सूची के लागू होने से इन समूहों को भौतिक सहायता प्रदान करना अमेरिका में एक संघीय अपराध बन गया है। अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में उनकी संपत्तियों को अवरुद्ध कर दिया गया है और सदस्यों पर यात्रा प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। पाकिस्तान ने मंगलवार को इस कदम का स्वागत भी किया।

बीआरजी के प्रवक्ता दोस्तैन बलूच ने कहा कि अमेरिका जैसी महाशक्ति को ऐसे फैसले लेने से पहले जमीनी हकीकत का आकलन करना चाहिए। उन्होंने मजीद ब्रिगेड को बलूचिस्तान की आजादी के व्यापक आंदोलन का हिस्सा बताया। दोस्तैन बलूच ने कहा कि बलूच राष्ट्र मजीद ब्रिगेड को अपना रक्षक और उसके लड़ाकों को 1948 से पाकिस्तान के अवैध और जबरन कब्जे का विरोध करने वाला नायक मानता है। उन्होंने कहा कि बलूचों का अपने संसाधनों पर पूरा अधिकार है। पाकिस्तान उनका दोहन करता है औरविदेशी ताकतों को बेच देता है।

उन्होंने अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बलूच स्वतंत्रता आंदोलन को आतंकवाद से जोड़ने से बचने की सलाह दी है। बीआरजी प्रवक्ता ने कहा कि बलूच किसी भी विदेशी देश के खिलाफ नहीं हैं। वह अपने संसाधनों को लूटने में पाकिस्तान के साथ शामिल होने वाले किसी भी शक्ति का दृढ़ता से विरोध करेंगे। अमेरिका ने बीएलए को आतंकवादी संगठन घोषित करने में पाकिस्तानी के दुष्प्रचार पर विश्वास किया है।

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