मृतका खुशी (15) पुत्री अरविंद गुर्जर अपने दादा-दादी और बड़े भाई देवेंद्र (17) के साथ पुनावली कलां में रहती थी। शुक्रवार शाम दादा खेत पर थे और दादी घर के बाहर धान की रखवाली कर रही थीं, जबकि भाई ट्यूशन गया हुआ था। ट्यूशन से लौटने पर जब उसने बहन को आवाज दी तो कोई जवाब नहीं मिला। कमरे में जाकर देखा तो खुशी फंदे पर लटकी हुई थी। परिवार के लोग शव को फंदे से उतारकर अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे, तभी शनिवार काे मौके पर पहुंचे मामा सतेन्द्र गुर्जर ने पुलिस को सूचना दी। उनका आरोप है कि भांजी की हत्या की गई है।
सतेन्द्र ने बताया कि 2017 में खुशी की मां प्रियंका ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद पिता अरविंद गुर्जर ने दूसरी शादी कर ली और ग्वालियर में रहने लगे। खुशी और उसका भाई दादा-दादी के पास ही पल रहे थे। दादा जगदीश गुर्जर ने बताया कि खुशी कुछ दिनों से उदास रहती थी और अजीब हरकतें करती थी। “कभी किसी से बात नहीं करती थी और आंखों में आंसू भर आते थे। एक तांत्रिक ने कहा था कि उस पर उसकी मां का साया है। पिछले तीन दिन से वह डिप्रेशन में थी।
थानाध्यक्ष रूपेश कुमार ने शनिवार काे बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच में जुटी है।
