महाराष्ट्र की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम रहा। राज्य के शहरी विकास विभाग ने 29 महानगरपालिकाओं (Municipal Corporations) के मेयर (Mayor) पद के लिए आरक्षण की घोषणा कर दी है। एकनाथ शिंदे सरकार की मौजूदगी में ‘लॉटरी सिस्टम’ के जरिए यह तय किया गया कि आगामी ढाई साल के लिए कौन सी सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित होगी।
महिला होगी मुंबई की ‘प्रथम नागरिक’
देश की सबसे अमीर महानगरपालिका BMC (मुंबई) के लिए मेयर पद General Woman प्रवर्ग के लिए आरक्षित हुआ है। इसका मतलब है कि मुंबई को एक बार फिर महिला मेयर मिलेगी, लेकिन वह किसी भी जाति वर्ग से हो सकती है। हालांकि, शिवसेना (UBT) ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि ओबीसी आरक्षण के ड्रॉ से मुंबई को जानबूझकर बाहर रखा गया।
