दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और सहयोगी मंत्रियों का प्रोफाइल

नई दिल्ली, 20 फ़रवरी (हि.स.)। दिल्ली में 1998 में सुषमा स्वराज के बाद आज रेखा गुप्ता के रूप में भारतीय जनता पार्टी का दिल्ली में मुख्यमंत्री बना है। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने आज रेखा गुप्ता को दिल्ली की मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। रेखा गुप्ता के बाद प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, रविंदर इन्द्राज सिंह, कपिल मिश्रा और पंकज कुमार सिंह ने दिल्ली के रामलीला मैदान पर मंत्री पद की शपथ ली।

भाजपा ने पहली बार 2 दिसंबर 1993 में दिल्ली में सरकार बनाई थी। उस समय मदन लाल खुराना दो साल 86 दिन मुख्यमंत्री रहे। उसके बाद भाजपा ने साहिब सिंह वर्मा को मुख्यमंत्री बनाया और वह दो साल 228 दिन मुख्यमंत्री रहे। इसके बाद 52 दिनों तक सुषमा स्वराज दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं, जिनका कार्यकाल 12 अक्टूबर 1998 से शुरू होकर 3 दिसंबर 1998 को खत्म हो गया। इसके बाद दिल्ली में कांग्रेस की 15 साल और आम आदमी पार्टी की दस साल सरकार रही।

अब मुख्यमंत्री बनते ही रेखा गुप्ता पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटियों को पूरा करने की जिम्मेदारी होगी। रेखा गुप्ता वैश्य समुदाय से आती हैं, जो दिल्ली में करीब 8 प्रतिशत है। वैश्य समुदाय को भाजपा का कोर वोटर माना जाता है। रेखा गुप्ता दिल्ली भाजपा की महासचिव और भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं।

रेखा गुप्ता की पढ़ाई की बात करें तो उन्होंने एलएलबी की शिक्षा ग्रहण की है। रेखा गुप्ता का जन्म हरियाणा के जींद जिले के जुलाना उपमंडल के नंदगढ़ गांव में 1974 में हुआ था। वह बचपन में ही पिता के साथ दिल्ली आ गईं । छात्र जीवन में एबीवीपी से राजनीति में एंट्री की। वह दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ की सचिव रह चुकी हैं। रेखा गुप्ता के पिता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में मैनेजर थे। इसी नौकरी के दौरान उनके पिता परिवार को लेकर दिल्ली शिफ्ट हो गए। दिल्ली विधानसभा का चुनाव रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग विधानसभा सीट पर आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार वंदना कुमारी को हराकर जीता है। रेखा गुप्ता को कुल 68200 वोट मिले थे जबकि आआपा की वंदना कुमारी 38605 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रही थीं। यहां से कांग्रेस के प्रवीण कुमार जैन 4892 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर थे।

अन्य मंत्रियों का प्रोफाइल:

प्रवेश वर्माः

प्रवेश वर्मा का जन्म 7 नवंबर 1977 को दिल्ली में हुआ है। वह दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे हैं। साल 2013 में उन्होंने अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत विधानसभा चुनाव के लिए दिल्ली भाजपा चुनाव समिति के सदस्य के रूप में की। साल 2014 के भारतीय आम चुनाव में प्रवेश वर्मा ने पश्चिमी दिल्ली लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीता और साल 2019 के आम चुनाव में भी प्रवेश वर्मा को इसी सीट पर 5,78,486 वोटों से जीत हासिल हुई। 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रवेश वर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री और आआपा संयोजक अरविंद केजरीवाल को 3186 वोटों से हराकर नई दिल्ली विधानसभा सीट से जीत दर्ज की है।

आशीष सूद:

आशीष सूद का जन्म 1966 में हुआ है। उनका राजनीतिक सफर दिल्ली विश्वविद्यालय के आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज से शुरू हुई। यहां उन्होंने कॉमर्स में डिग्री हासिल की और छात्र राजनीति में सक्रियता दिखाई। आशीष सूद पंजाबी समुदाय से आते हैं। वह पहली बार विधायक बने हैं। इन्होंने एवीबीपी से सियासी करियर की शुरुआत की। वह 1989 में डूसू के अध्यक्ष रह चुके हैं। आशीष सूद दिल्ली नगर निगम की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वह निगम पार्षद और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में सदन के नेता रह चुके हैं। इसके अलावा वह 2020 में सह प्रभारी भाजपा जम्मू-कश्मीर और 2024 में प्रभारी भाजपा गोवा रहे हैं। वह दिल्ली भाजपा के उपाध्यक्ष भी रहे हैं। उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव में जनकपुरी से आआपा उम्मीदवार राजेश ऋषि को 18766 मतों से हराया है।

मनजिंदर सिंह सिरसा:

मनजिंदर सिंह सिरसा का जन्म 20 फरवरी 1972 को हरियाणा के सिरसा में हुआ। मनजिंदर सिंह सिरसा 12वीं पास हैं। पेशेवर रूप से मनजिंदर सिंह सिरसा कृषि और कारोबार से जुड़े हैं। मनजिंदर सिंह सिरसा राजौरी गार्डन विधानसभा से पहली बार दिल्ली विधानसभा का चुनाव जीते हैं। हालांकि वे दो बार अकाली दल के टिकट पर विधायक का चुनाव भी जीत चुके हैं। ये 2013 और 2017 में दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष पद पर भी रह चुके हैं। मनजिंदर सिंह सिरसा ने 2021 में अकाली दल छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। दिल्ली विधानसभा चुनाव में मनजिंदर सिंह सिरसा ने आआपा के विधायक धनवती चंदेला को 18190 वोटों के अंतर से हराया है।

रविंद्र इंद्राज सिंह:

रविंद्र इंद्राज सिंह का जन्म 1975 में हुआ। वह भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भी हैं। उनके पिता इंद्राज सिंह भी नरेला सीट से विधायक रह चुके हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं। इंद्राज ने बवाना सीट पर आआपा के उम्मीदवार जय भगवान उपकार को 31 हजार से अधिक वोटों से हराया। रविंद्र इंद्राज पहली बार के विधायक हैं।

कपिल मिश्रा:

कपिल मिश्रा भाजपा के दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष हैं, जो दिल्ली के करावल नगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए हैं। कपिल मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया के रहने वाले हैं और उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से सोशल वर्क में मास्टर डिग्री व स्नातक डिग्री हासिल की है।

कपिल मिश्रा ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से की और कॉलेज पढ़ाई के दौरान वो एबीवीपी की तरफ से कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। कपिल मिश्रा ने अपने छात्र जीवन में यमुना सफाई के लिए कई जनांदोलन किए व कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान होने वाले पर्यावरण क्षति के मुद्दों व करप्शन के मामलों को जोरदार तरीके से उठाया। कपिल मिश्रा 2015 में आआपा सरकार में दिल्ली के कैबिनेट मंत्री बने और उस दौरान उन्होंने यमुना स्वच्छता, जलापूर्ति योजनाओं जैसे जनहितकारी मुद्दों पर काम किया, 2017 में करप्शन के खिलाफ आवाज उठाते हुए कपिल मिश्रा ने आआपा सरकार से इस्तीफा दिया और फिर भाजपा में शामिल हो गए।

कपिल मिश्रा की माताजी अन्नपूर्णा मिश्रा पूर्वी दिल्ली दिल्ली नगर निगम की पहली मेयर रहीं और अपने वार्ड को उन्होंने ‘स्वराज’ जैसी लोकतांत्रिक पद्धति से जनता की राय से चलाया। कपिल मिश्रा के पिताजी रामेश्वर मिश्र संघ से तृतीय वर्ष पूर्ण प्रचारक हैं और राष्ट्र-संस्कृति के मुद्दों पर कई किताबों के लेखक भी हैं। कपिल मिश्रा का जन्म 13 नवंबर 1980 को दिल्ली में हुआ था। इस बार विधानसभा चुनाव में कपिल मिश्रा ने आआपा उम्मीदवार मनोज त्यागी को 23355 वोटों से हराया है।

पंकज कुमार सिंह:

पंकज कुमार सिंह का जन्म छह नवंबर 1977 में हुआ। पंकज कुमार सिंह दक्षिण पश्चिम दिल्ली जिले के विकासपुरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वह दिवंगत राज मोहन सिंह के पुत्र हैं, जो दिल्ली नगर निगम में अतिरिक्त आयुक्त रहे थे। वह दांतों के डॉक्टर हैं। उन्होंने 1998 में मगध विश्वविद्यालय, बोधगया, बिहार में दंत चिकित्सा सर्जरी में स्नातक किया है। वह पार्षद भी रहे हैं। पंकज सिंह ने चुनाव में आआपा उम्मीदवार महेंद्र यादव को 12,876 वोटो के अंतर से हराया था।

दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आआपा) की सरकार को सत्ता से बाहर करते हुए बहुमत के साथ आई है। भाजपा ने इन चुनावों में 48 सीटों पर जीत दर्ज की है और आआपा को 22 सीटों पर संतोष करना पड़ा। कांग्रेस को लगातार तीसरी बार भी दिल्ली में एक भी सीट नहीं मिली है।

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By admin

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