नीशिकांत दुबे ने पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र के ‘बच्चों और सशस्त्र संघर्ष’ (सीएसी) एजेंडे का घोर उल्लंघनकर्ता करार देते हुए कहा कि यह देश अपनी आंतरिक सीमाओं में बच्चों के खिलाफ गंभीर अत्याचारों को छिपाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने अफगानिस्तान और भारत में सीमा-पार हमलों का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को ‘खुद को आईने में देखने’ की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को खुद को आईने में देखना चाहिए। उसे इस मंच पर उपदेश देना बंद कर अपनी सीमाओं के अंदर बच्चों की रक्षा के लिए कार्य करना चाहिए। उसे अपनी सीमाओं के अंदर महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाना बंद करना चाहिए।

भाजपा सांसद ने सोमवार को दिए अपने भाषण में कहा कि भारत, पाकिस्तान की उस कोशिश की कड़ी निंदा करता है, जिसके माध्यम से वह अपनी सीमाओं के अंदर बच्चों के खिलाफ गंभीर अत्याचारों को दुनिया से छुपाने और ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहा है। ऐसा इस साल की सीएसी रिपोर्ट में भी प्रमाणित है।

निशिकांत दुबे का यह बयान पाकिस्तान द्वारा हाल ही में भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने के जवाब में आया है। इससे पहले पाकिस्तान ने कथित तौर पर अफगानिस्तान में बच्चों पर हमलों और इस साल मई में सीमावर्ती गांवों पर हुई गोलीबारी के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया था।

सांसद ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के खिलाफ पाकिस्तान के बयानों को ‘अत्यधिक पाखंडपूर्ण’ बताते हुए चेतावनी दी कि यह देश छोटे बच्चों, महिलाओं और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं पर हमलों में लिप्त है। उन्होंने अफगानिस्तान सीमा के पास पाकिस्तानी सेना के हवाई हमलों से प्रभावित अफगानी बच्चों की माैत की घटनाओं की ओर भी ध्यान दिलाया। उसके हमलों में कई बच्चे मारे गए अथवा गंभीर रूप से घायल हुए।

दुबे ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकवादी शिविरों पर सोच-समझकर हमले किए और कई आतंकवादियों को मार गिराया।”

भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे दुबे ने भारत द्वारा बच्चों के अधिकारों को बल प्रदान करने के लिए ‘बाल हेल्पलाइल’ गठित करने के प्रयासों और बाल तस्करी रोकने के उपायों की सराहना करने के लिए सदस्य देशों का आभार भी जताया।

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By editor

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