अयोध्या के साकेत डिग्री कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रोफेसर और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय नेता डॉक्टर बीडी द्विवेदी की जगह जगह अवरोधक लगे होने के कारण कथित रूप से समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने की वजह मौत हो गई। हालांकि, अयोध्या के मेयर गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि चिकित्सा आपात स्थिति से निपटने के लिए विभिन्न स्थानों पर एम्बुलेंस की व्यवस्था करने का प्रयास किया जा रहा है।

अयोध्या के BJP नेता ने रास्ते में तोड़ा दम
दिवंगत बीडी द्विवेदी के बेटे राहुल ने कहा कि हमें अवरोधक पार करने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। मैं कहूंगा कि समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने के कारण मेरे पिता की मृत्यु हो गई, क्योंकि हमें अस्पताल पहुंचने में दो घंटे लग गए। हम एम्बुलेंस का इंतजार भी नहीं कर सकते थे क्योंकि एम्बुलेंस को भी हम तक पहुंचने में एक से दो घंटे लग रहे थे।

जानिए, क्या कहना है परिवार के सदस्यों का?
परिवार के सदस्यों के अनुसार, डॉक्टर बीडी द्विवेदी (62) को शनिवार की सुबह सीने में दर्द और बेचैनी महसूस हुई। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी और बेटे ने उन्हें अयोध्या के स्थानीय श्रीराम अस्पताल ले जाने का प्रयास किया लेकिन, उनकी गाड़ी को देवकाली अवरोधक पर रोक दिया गया। उन्होंने बताया कि परेशान परिवार ने अवरोधक हटाने के लिए निरीक्षक और पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई और थाना प्रभारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी फोन किया लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।

जानिए, क्या कहना है द्विवेदी के बेटे राहुल का?
द्विवेदी के बेटे राहुल के मुताबिक, आखिरकार सवा घंटे के बाद अवरोधक खोला गया, लेकिन रास्ते में कई अवरोधक होने के कारण उनकी गाड़ी अस्पताल नहीं पहुंच सकी। राहुल ने बताया कि उन्होंने राम पथ से होते हुए उदय चौराहा तक पहुंचने का प्रयास किया लेकिन उन्हें फिर से रोक दिया गया। परिवार के सदस्यों ने बताया कि इसके बाद परिवार फैजाबाद के जिला अस्पताल की ओर बढ़ा, लेकिन तब तक दो घंटे बीत चुके थे और द्विवेदी की रास्ते में ही मौत हो गई।

अयोध्या इकाई के मीडिया प्रभारी दिवाकर सिंह ने इस घटना को बताया ‘बेहद दर्दनाक’
वहीं द्विवेदी की मौत पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा की अयोध्या इकाई के मीडिया प्रभारी दिवाकर सिंह ने इस घटना को ‘बेहद दर्दनाक’ बताया। सिंह ने कहा कि प्रशासन केवल बाहरी लोगों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। अगर डॉक्टर द्विवेदी समय पर अस्पताल पहुंच पाते, तो कम से कम परिवार को संतुष्टि तो मिलती। इस बीच, अयोध्या के मेयर गिरीश पति त्रिपाठी द्विवेदी के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि हम चिकित्सा आपात स्थिति से निपटने के लिए अयोध्या में विभिन्न स्थानों पर एम्बुलेंस की व्यवस्था कर रहे हैं।

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