शनिवार को ताड़ीखेत व अल्मोड़ा कैंट क्षेत्र में शारीरिक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये सभी शिक्षार्थी विश्वविद्यालय पहुंचे। यहां विवि प्रशासन ने विशेष पहल करते हुए सभी को प्रोविजनल डिग्री एवं बोनाफाइड प्रमाण पत्र प्रदान किया, ताकि उनकी भर्ती प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने इस अवसर पर सभी शिक्षार्थियों का उत्साहवर्धन किया और धर्मशिक्षक भर्ती की अंतिम दो चरणों प्रमाण पत्र सत्यापन और साक्षात्कार में सफलता की शुभकामनाएं दीं।

मेरठ, पौड़ी, अल्मोड़ा, हरिद्वार, मथुरा, चकराता और देहरादून से आए इन शिक्षार्थियों ने पहले उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय से शास्त्रीय अध्ययन पूरा किया और फिर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से कर्मकांड में डिप्लोमा प्राप्त किया।

शिक्षार्थियों ने विवि की उच्च स्तरीय पाठ्यसामग्री और अपेक्षाकृत कम शुल्क की सराहना की। मोहन सारश्वत ने कहा कि “कर्मकांड का पाठ्यक्रम बेहद व्यवहारिक और गुणवत्तापूर्ण है, जिसकी वजह से हमने यहां दाखिला लिया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. गिरिजा पाण्डेय, कुलसचिव डॉ. खेम राज भट्ट तथा परीक्षा नियंत्रक प्रो. सोमेश कुमार उपस्थित थे।

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