पकड़े गए आरोपितों की पहचान उत्तर प्रदेश के शामली निवासी राजीव (40), हापुड़ निवासी विकास (20), मेरठ निवासी आशु (55) और गाजियाबाद निवासी रमनजोत सिंह (24) के रूप में हुई है।उत्तर पश्चिमी जिले के पुलिस उपायुक्त भीष्म सिंह ने साेमवार काे पत्रकार वार्ता में बताया कि 21 जुलाई की रात वजीरपुर जेजे कॉलोनी की एक महिला ने पुलिस को कॉल कर बताया कि उसकी 13 साल की बेटी ट्यूशन से लौटकर घर नहीं आई। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान बच्ची को आखिरी बार इंदरलोक मेट्रो बस स्टैंड के पास देखा गया। पुलिस ने 30 से अधिक मोबाइल नंबर खंगाले, संदिग्ध इंस्टाग्राम अकाउंट्स की जांच की और दिल्ली, हरियाणा, उप्र के कई जिलों- मथुरा, रोहिणी, पलवल, द्वारका, शकरपुर, रेलवे स्टेशनों पर लगातार छापेमारी की।

16 अगस्त को तकनीकी जांच के बाद पुलिस को सुराग मिला कि बच्ची को शामली जिले के गांव झाल (उप्र) ले जाया गया है। भारत नगर पुलिस थाने की टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से छापा मारकर बच्ची को सुरक्षित बरामद किया और तीन आरोपितों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। बरामदगी के बाद बच्ची ने बताया कि वह घर से नाराज होकर निकली थी और मेट्रो से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचकर ट्रेन पकड़कर मेरठ चली गई। वहीं उसकी मुलाकात आरोपित विकास (20) से हुई जिसने उसे आरोपित आशु (55) के पास ले जाकर बहलाया-फुसलाया और बाद में धमकाया। इसके बाद दोनों ने बच्ची को आरोपित राजीव (40) को सौंप दिया।

पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपित विकास और आशु ने बच्ची को पैसे के लिए बेचने की योजना बनाई थी। राजीव ने बच्ची से जबरन शादी की और 28 जुलाई से उसका यौन शोषण भी किया। इस साजिश में गाजियाबाद का रमनजोत सिंह (24) भी शामिल था। जिसने अपने साइबर कैफ़े से बच्ची का फर्जी आधार कार्ड तैयार किया। इसमें उसकी उम्र बालिग दर्शाई गई थी। 17 अगस्त को पुलिस ने आरोपित विकास की निशानदेही पर गाजियाबाद से रमनजोत को भी दबोच लिया।

———–

By editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights