यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन ने गुरुवार को दिया है। कोर्ट ने इस अर्जी पर सुनवाई के बाद गत 22 अगस्त को अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था। रामपुर की स्पेशल कोर्ट एमपी एमएलए से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में दाखिल जमानत याचिका पर आजम खान की ओर से अधिवक्ता इमरानउल्लाह ने कहा कि याची को इस मामले में राजनीतिक रंजिश के कारण फंसाया गया है। 2013 की घटना को लेकर मुकदमा 2019 में दर्ज़ हुआ और आजम खान को 2024 में अभियुक्त बनाया गया।

जमानत का विरोध करते हुए अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने कहा कि आज़म खान का लंबा आपराधिक इतिहास है। घटना के वक्त वह तत्कालीन सरकार में नगर विकास मंत्री थे और उनके द्वारा अपने पद व प्रभाव का दुरुपयोग कर अपराध किया गया। रामपुर के सिविल लाइंस थानाक्षेत्र में हाईवे पर स्थित सईद नगर हरदोई पट्टी में क्वालिटी बार पर अवैध कब्जा के संबंध में 2019 में राजस्व निरीक्षक अनंगराज सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस मामले में शुरू में चेयरमैन सैयद जफर अली जाफरी, आजम खान की पत्नी डॉ. तंजीम फातिमा और बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को नामजद किया था। विवेचना के दौरान सपा नेता आजम खान को भी आरोपी बनाया गया।

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