इस अवसर पर केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने अपने संबोधन में कहा कि आयुर्वेद दिवस के लिए 23 सितंबर को स्थायी तिथि के रूप में निर्धारित करने का निर्णय ऐतिहासिक है, जो शरद विषुव के साथ मेल खाता है, जो प्रकृति में संतुलन का प्रतीक है और आयुर्वेदिक दर्शन के मूल में है। जाधव ने पिछले साल आयुर्वेद दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किए गए “देश का स्वास्थ्य परीक्षण अभियान” को मिली ज़बरदस्त प्रतिक्रिया पर प्रकाश डाला। 1.29 करोड़ से ज़्यादा नागरिकों ने आयुर्वेदिक मापदंडों का उपयोग करके स्वास्थ्य आकलन में हिस्सा लिया, जिसमें छात्रों, शिक्षकों और डॉक्टरों सहित 1.8 लाख से ज़्यादा स्वयंसेवकों का सहयोग रहा। इस अभियान ने पांच गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए और डेटा-आधारित आयुर्वेदिक अनुसंधान के एक नए युग की शुरुआत की। केंद्रीय विद्युत एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने अपने संबोधन में गैर-संचारी रोगों, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं और पर्यावरणीय क्षरण जैसी बढ़ती वैश्विक चुनौतियों के संदर्भ में आयुर्वेद की बढ़ती प्रासंगिकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक जीवन, पादप-आधारित उपचारों और निवारक देखभाल पर ज़ोर देने वाला आयुर्वेद, व्यक्तिगत स्वास्थ्य और पारिस्थितिक स्थिरता, दोनों के लिए आदर्श है। इस कार्यक्रम में एआईआईए गोवा में एकीकृत कैंसर विज्ञान इकाई सहित नई सुविधाओं का उद्घाटन भी किया गया। साथ ही, विभिन्न समझौता ज्ञापनों (एमओयू) के माध्यम से शैक्षणिक, औद्योगिक और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की एक नई श्रृंखला भी शुरु की गई। मुख्य आकर्षणों में शैक्षणिक आदान-प्रदान, एकीकृत कैंसर विज्ञान में अनुसंधान, और आयुर्वेद को मुख्यधारा की स्वास्थ्य सेवा में शामिल करने के लिए वैश्विक संस्थानों और स्थानीय संगठनों के साथ साझेदारी के लिए समझौता ज्ञापन शामिल थे।गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने मोटापा, मधुमेह और तनाव जैसी बढ़ती जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से निपटने में आयुर्वेद की समकालीन प्रासंगिकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि दिनचर्या और ऋतुचर्या की समय-परीक्षित अवधारणाएं निवारक स्वास्थ्य सेवा के लिए स्थायी आदर्श प्रदान करती हैं। डॉ. सावंत ने मोटापे के बढ़ते प्रचलन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चिंता का उल्लेख करते हुए कहा कि आयुर्वेद दीर्घकालिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए, संतुलित आहार, हर्बल औषधियां और योग जैसे सरल लेकिन शक्तिशाली उपाय प्रदान करता है।

इस कार्यक्रम में गोवा के विधान सभा सदस्य प्रवीण आर्लेकर, आयुष मंत्रालय के सचिव एवं पद्मश्री वैद्य राजेश कोटेचा, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए), नई दिल्ली के निदेशक प्रो. (वैद्य) प्रदीप कुमार प्रजापति, एआईआईए गोवा की डीन प्रो. (डॉ.) सुजाता कदम और पद्मश्री एवं पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित वैद्य देवेंद्र त्रिगुणा उपस्थित रहे।

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