अयोध्या। अयोध्या के धन्नीपुर गांव में बनने वाली मस्जिद का नक्शा अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने खारिज कर दिया है। यह मस्जिद 2019 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को दी गई पांच एकड़ ज़मीन पर बनाई जानी है। ट्रस्ट की ओर से 23 जून 2021 को मस्जिद और उससे जुड़ी सुविधाओं के निर्माण का ले-आउट प्लान स्वीकृति के लिए जमा किया गया था। इसके लिए आवेदन शुल्क और अन्य मदों में 4.02 लाख रुपये भी जमा किए गए थे।
ADA ने बताया कि योजना को इसलिए खारिज करना पड़ा क्योंकि मस्जिद के नक्शे के साथ विभिन्न विभागों की अनिवार्य नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट्स (NOCs) उपलब्ध नहीं कराए गए। इन विभागों में सार्वजनिक कार्य विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नागरिक उड्डयन विभाग, सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग, नगर निगम, जिलाधिकारी कार्यालय और अग्निशमन विभाग शामिल हैं।विशेष रूप से अग्निशमन विभाग ने आपत्ति जताई थी कि प्रस्तावित मस्जिद और अस्पताल के लिए जो पहुंच मार्ग (एप्रोच रोड) है, उसकी चौड़ाई नियमों के मुताबिक 12 मीटर होनी चाहिए थी, जबकि मौके पर यह मात्र 6 मीटर है और कई जगहों पर यह चार मीटर तक सिमट जाती है।यह जानकारी हाल ही में एक आरटीआई आवेदन के तहत सामने आई। 16 सितंबर को ADA ने लिखित रूप से बताया कि मस्जिद का नक्शा आवश्यक दस्तावेज़ न मिलने के कारण खारिज किया गया है।
इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के सचिव अतहर हुसैन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जमीन तय की और सरकार ने इसे सौंपा है, लेकिन विभागीय मंजूरियां न मिलने की वजह से निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। उन्होंने कहा कि वे समझ नहीं पा रहे हैं कि संबंधित विभागों ने NOC क्यों जारी नहीं किए।फिलहाल मस्जिद का निर्माण कार्य रुका हुआ है और ट्रस्ट को अब या तो नए सिरे से सभी विभागों से मंजूरियां लेनी होंगी या फिर ले-आउट प्लान में बदलाव कराना होगा।
