सूत्रों के मुताबिक छापेमारी की तैयारी पूरी तरह गोपनीय रखी गई थी। आधी रात के बाद टीमों ने विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड की गहराई से जांच शुरू कर दी। कार्रवाई की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी लोकेशनों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की भीड़ या बाधा न उत्पन्न हो सके। स्थानीय पुलिस पूरे मामले पर पैनी नजर बनाए हुए है और इलाके में सुरक्षा कारणों से लोगों के आवागमन पर भी अस्थायी रोक लगाई गई है।
टीमों ने कमल वर्मा के शहर स्थित आवास, पेट्रोल पंप, नैना इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम सहित अन्य संबंधित ठिकानों को रडार पर लेते हुए वित्तीय लेन–देन, संपत्ति संबंधी कागजात और व्यावसायिक रिकॉर्ड की जांच जारी रखी है। बताया जा रहा है कि कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जब्त कर विशेषज्ञों की टीम द्वारा जांच की जा रही है। हालांकि छापेमारी किस विशेष मामले से जुड़ी है, इस बारे में अधिकारियों द्वारा अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सुबह करीब 7 बजे जैसे ही कार्रवाई की जानकारी आम लोगों तक पहुंची, पूरे जिले में चर्चाओं का दौर तेज हो गया। कई स्थानों पर लोग समूह बनाकर जांच से जुड़े अपडेट जानने की कोशिश करते नजर आए। भारी पुलिस बल और विभागीय अधिकारियों की गतिविधियों से वातावरण तनावपूर्ण बना रहा।
फिलहाल सभी टीमों द्वारा प्रतिष्ठानों पर जांच कार्य जारी है। अधिकारियों का कहना है कि आवश्यक दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। जांच पूरी होने तक यह मामला औरैया जिले में चर्चा का केंद्र बना रहेगा। जल्द ही प्रशासन की ओर से मामले से संबंधित आधिकारिक बयान जारी किए जाने की संभावना है।
