स्मिता ने बताया कि शादी के कुछ महीनों बाद गर्भवती होने की जानकारी देने पर ससुरालीजन अतिरिक्त 10 लाख रुपये की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर पति शशांक, ससुर विनोद, सास बेबी तिवारी सहित अन्य परिजनों ने उससे मारपीट, धमकी और मानसिक उत्पीड़न शुरू कर दिया। तहरीर में आरोप है कि 25 मई 2024 को उसे डॉक्टर दिखाने के बहाने नौबस्ता ले जाया गया, जहाँ बिना लेबल की दवा जबरन खिलाकर उसका गर्भपात करा दिया गया।
पीड़िता का कहना है कि गर्भपात के बाद भी प्रताड़ना जारी रही और 4 जुलाई 2025 को उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया गया। वर्तमान में वह मायके में रह रही है और लगातर मिल रही धमकियों से मानसिक रूप से तनाव में है।
स्मिता ने सभी आरोपितों के खिलाफ कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्याय की मांग की है। अयाना थाना अध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
