दिल्ली | अंडर-19 एशिया कप में भारतीय टीम ने इतिहास रचते हुए मलेशिया के खिलाफ एकतरफा और रिकॉर्डतोड़ जीत दर्ज की। मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में मलेशियाई टीम 32.1 ओवर में मात्र 93 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। भारत ने यह मुकाबला 315 रनों के भारी अंतर से जीत लिया, जो टूर्नामेंट की सबसे बड़ी जीतों में गिनी जा रही है।टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने शुरू से ही आक्रामक रुख अपनाया। सलामी बल्लेबाजों ने तेज शुरुआत दी और मलेशियाई गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। भारतीय बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए लगातार रन बटोरे। मध्यक्रम में भी रनगति में कोई कमी नहीं आई और भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवर में पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी मलेशिया की टीम शुरू से ही दबाव में नजर आई। भारतीय तेज गेंदबाजों और स्पिनरों ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए मलेशिया की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। शुरुआती ओवरों में ही विकेट गिरने का सिलसिला शुरू हो गया, जिससे मलेशियाई बल्लेबाज संभल नहीं पाए। पूरी टीम 32.1 ओवर में 93 रन पर सिमट गई।भारतीय गेंदबाजों ने शानदार लाइन-लेंथ के साथ गेंदबाजी की। तेज गेंदबाजों ने नई गेंद से कहर बरपाया, वहीं स्पिनरों ने मध्य ओवरों में विकेटों की झड़ी लगा दी। मलेशिया का कोई भी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सामने टिक नहीं सका।इस जीत के साथ भारत ने अंडर-19 एशिया कप में अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी है। 315 रन से मिली यह जीत न सिर्फ रन अंतर के लिहाज से ऐतिहासिक रही, बल्कि इससे भारतीय टीम का आत्मविश्वास भी चरम पर पहुंच गया है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि भारतीय अंडर-19 टीम इस टूर्नामेंट में खिताब की सबसे प्रबल दावेदार है।मैच के बाद टीम प्रबंधन ने खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में टीम ने अनुशासन और आक्रामकता का शानदार प्रदर्शन किया। आने वाले मुकाबलों में भी इसी लय को बरकरार रखने पर जोर दिया गया है।
