एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने सोमवार को बताया कि यह एमडीडीए की कोशिश है कि आढ़त बाजार शिफ्टिंग, सड़क चौड़ीकरण जैसे सार्वजनिक कार्यों में लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और सभी को समय पर उचित मुआवजा मिले। सड़क चौड़ीकरण के पहले चरण में लगभग 80 प्रभावित परिसम्पत्तियां की रजिस्ट्री में आने वाले व्यय 25 हजार रुपये प्रति रजिस्ट्री की दर से लगभग 20 लाख रुपये की राशि प्राधिकरण की ओर से लोक निर्माण विभाग को हस्तांरिंत कर दी गई है। आढ़त बाजार-तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना शहर के लिए बहुत अहम है। इससे न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि बाजार क्षेत्र का सौंदर्य भी बढ़ेगा। प्रभावित संपत्तिधारकों को पूरी पारदर्शिता के साथ मुआवजा और भूखंड आवंटन दिया जा रहा है। हमारा उद्देश्य है कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण और समय पर पूरे हों।
उन्होंने कहा कि यह सड़क चौड़ीकरण देहरादून के भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात दबाव को कम करेगा। इसके साथ ही सड़क चौड़ीकरण के बाद क्षेत्र में फुटपाथ, स्ट्रीट लाइटिंग, पार्किंग और सौंदर्यीकरण की भी योजना है। यह परियोजना देहरादून को नई दिशा देने वाली साबित होगी। इससे न केवल यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि नागरिकों के लिए शहर को और भी सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण ने प्रभावित संपत्तियों के प्रतिकरण और रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और कानूनी रूप से सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया है। लोक निर्माण विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय बनाया गया है ताकि कार्य निर्धारित समय में पूरा हो सके। उन्होंने आगे बताया कि अगले चरण में शेष प्रभावित परिसम्पत्तियों की रजिस्ट्री और मुआवजा प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।
