महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर वाराणसी स्थित शक्ति धाम आश्रम में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें शिव अभिषेक की शुरुआत की गई। इस विशेष संध्या में 11 पंडितों द्वारा मंत्रों का उच्चारण करते हुए भगवान शिव के अभिषेक की प्रक्रिया आरम्भ की गई। इस अवसर पर शिवलिंग को दूध, पानी, शहद, घी और बेलपत्र से स्नान कराकर भगवान शिव की दिव्य उपस्थिति का आह्वान किया गया। यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक था, बल्कि भक्तों के बीच एक दिव्य अनुभव उत्पन्न करने का भी प्रयत्न था।
पवित्र महाशिवरात्रि के मौक पर, अमेरिका के टेक्सास में रहने वाली व्यवसायी अन्ना थेरेसा फ्लोरे ने अपने जीवन को नया मोड़ देते हुए सनातन धर्म अपनाया है। उन्होंने 25 वर्षों की व्यवसायिक यात्रा के बाद, जगद्गुरु साईं मां के समक्ष ब्रह्मचर्य की दीक्षा ग्रहण की। अब वे अपने नए नाम अपर्णा देवी मां के नाम से जानी जाएंगी। अन्ना के अनुसार, यह दीक्षा उनके लिए एक अद्भुत अनुभव रही, जिसने उन्हें जीवन का सच्चा लक्ष्य खोजने में मदद की। ब्रह्मचर्य की इस यात्रा ने उन्हें आध्यात्मिक आनंद और संतोष का एहसास कराया है।
जगद्गुरु साईं मां लक्ष्मी देवी ने इस अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि हम सभी शिव भक्त इस समय भगवान शिव की भक्ति में लीन हैं। शक्ति धाम में आयोजित शिव अभिषेक का उद्देश्य सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि समग्र मानवता के लिए कल्याणकारी कार्य करना भी है। उन्होंने यह भी कहा कि महाशिवरात्रि का पवित्र पर्व सभी को सनातन धर्म की ओर आकर्षित कर रहा है। यह प्रदर्शित करता है कि किस तरह धर्म सिर्फ आस्था का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और मानवता के कल्याण का भी एक महत्वपूर्ण साधन है।
इस अवसर पर उपस्थित भक्तों में एक अद्भुत ऊर्जा का संचार देखा गया। सभी भक्तों ने शिव साधना में भाग लेकर अपने आध्यात्मिक जीवन को समर्पित करने का संकल्प लिया। जगद्गुरु साईं मां ने कहा कि सनातन धर्म में जनकल्याण और लोक कल्याण की भावना सबसे बड़ी पूंजी है, जिस पर सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। इस विशेष दिन ने हर किसी को अपनी आस्था को प्रदीप्त करने का एक नया अवसर प्रदान किया है, जिससे वे खुद को एक नई दिशा में आगे बढ़ा सकते हैं।
इस प्रकार, महाशिवरात्रि का यह आयोजन न केवल भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक था, बल्कि एक प्रशिक्षित और जागरूक समाज की स्थापना की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम था। भक्तों ने मिलकर शिवभक्ति के साथ-साथ धर्म, संस्कृति और मानवता के कल्याण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने का संकल्प लिया। यह अवसर सभी के लिए एक प्रेरणा और मार्गदर्शक बनकर उभरा है।
