देश में कई अहम राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राज्यपाल और उपराज्यपाल स्तर पर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। इसी क्रम में भारत के पूर्व अमेरिकी राजदूत तरणजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है।

 

बता दें कि यह फैसला राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लिया गया है और इसकी जानकारी राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में दी गई है। मौजूद जानकारी के अनुसार नई नियुक्तियां उस दिन से प्रभावी मानी जाएंगी, जिस दिन संबंधित अधिकारी अपने पद का कार्यभार संभालेंगे।

 

गौरतलब है कि दिल्ली के मौजूदा उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को अब लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। यह बदलाव उस समय सामने आया जब लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बाद में उन्हें हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

 

अगर तरणजीत सिंह संधू के करियर की बात करें तो वह भारत के सबसे अनुभवी राजनयिकों में गिने जाते रहे हैं, खासकर अमेरिका से जुड़े मामलों में उनका लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने कई बार वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। वर्ष 1997 से 2000 के बीच वह वॉशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास में फर्स्ट सेक्रेटरी (पॉलिटिकल) के पद पर रहे और इस दौरान अमेरिकी कांग्रेस के साथ समन्वय की जिम्मेदारी निभाई।

 

इसके बाद 2013 से 2017 के बीच वह उसी दूतावास में डिप्टी चीफ ऑफ मिशन रहे। फरवरी 2020 में उन्हें अमेरिका में भारत का राजदूत नियुक्त किया गया था और वह 1 फरवरी 2024 को सेवानिवृत्ति तक इस पद पर कार्यरत रहे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था और लोकसभा चुनाव से पहले सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया था।

 

बता दें कि इससे पहले वह 2017 से 2020 के बीच श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त भी रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में भारत के महावाणिज्य दूत के रूप में भी काम किया है और अमेरिका में भारत के स्थायी मिशन में भी सेवाएं दे चुके हैं।

 

इस बड़े फेरबदल के तहत अन्य राज्यों में भी कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां की गई हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार आरएन रवि, जो अभी तमिल नाडू के राज्यपाल हैं, उन्हें अब पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। यह फैसला पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंदा बोस के अचानक इस्तीफे के बाद लिया गया है।

 

इसी बीच राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, जो फिलहाल केरल के राज्यपाल हैं, उन्हें अस्थायी तौर पर तमिलनाडु के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

 

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु दोनों ही राज्यों में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, इसलिए इस फेरबदल को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

 

इसके अलावा जिष्णु देव वर्मा, जो अभी तेलंगाना के राज्यपाल हैं, उन्हें महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया गया है। वहीं शिव प्रताप शुक्ला, जो अभी हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल हैं, उन्हें तेलंगाना का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

 

इसी क्रम में वरिष्ठ नेता नंद किशोर यादव को नागालैंड का राज्यपाल बनाया गया है, जबकि सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। कुल मिलाकर यह फेरबदल देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनिक ढांचे में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

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