मुजफ्फरनगर। शिवसेना ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग पार्टी का नाम लेकर मंदिरों के बाहर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और मंदिर कमेटियों पर दबाव बनाकर फ्री दुकान लेने व पैसों की उगाही का प्रयास कर रहे हैं। संगठन का कहना है कि इस तरह की हरकतें कांग्रेस समर्थित शिवसेना (यूबीटी) से जुड़े लोगों द्वारा की जा रही हैं।
शिवसेना नेताओं ने बताया कि असली शिवसेना आदरणीय एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में पूरे देश में सक्रिय है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इसका नेतृत्व ललित मोहन शर्मा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर कमेटी ने साफ किया है कि पंडित जी को हटाने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन कुछ लोग गलत प्रचार कर राजनीति चमकाने की कोशिश कर रहे हैं।जानकारी के मुताबिक मंदिर परिसर की दुकानों का किराया महज सौ रुपये है और किराएदारों ने किराया बढ़ाने का विरोध करते हुए कांग्रेस समर्थित शिवसेना (यूबीटी) के साथ मिलकर विवाद खड़ा किया है। वहीं जिस पीपल के पेड़ को काटने की बात कही जा रही है, वह आज भी हरा-भरा अवस्था में मौजूद है।
शिवसेना ने स्पष्ट किया है कि यह पूरा मामला दुकानदारों के आपसी विवाद से जुड़ा है, जिसका राजनीतिकरण किया जा रहा है। संगठन ने जनपद के व्यापारियों और सामाजिक लोगों से अपील की है कि ऐसे फर्जी लोगों से सावधान रहें जो केवल शिवसेना का नाम लेकर गुमराह कर रहे हैं।शिवसेना ने चेतावनी दी है कि यदि इन लोगों ने अपनी हरकतें बंद नहीं कीं तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शिवसेना कार्यालय पर प्रेस वार्ता में शिव सैनिकों ने यह जानकारी दी | इस दौरान बिट्टू सिखेड़ा जिला अध्यक्ष मुजफ्फरनगर, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष पूनम चौधरी, ओमकार पंडित महानगर अध्यक्ष, उज्ज्वल पंडित नगर उपाध्यक्ष, शैलेंद्र विश्वकर्मा कार्यालय प्रभारी, संजीव वर्मा जिला उपाध्यक्ष, मांगेराम जिला सचिव कार्यकर्ता मौजूद रहे |
