अलीगढ़।अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी परिसर में बुधवार रात उस समय सनसनी फैल गई, जब विश्वविद्यालय के एबीके यूनियन हाई स्कूल में कार्यरत कंप्यूटर शिक्षक राव दानिश अली की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे विश्वविद्यालय परिसर में दहशत का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्पष्ट किया गया है कि मृतक प्रोफेसर नहीं बल्कि स्कूल कैडर के शिक्षक थे।जानकारी के अनुसार राव दानिश अली मौलाना आज़ाद लाइब्रेरी क्षेत्र के पास अपने कुछ परिचितों के साथ टहल रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार दो नकाबपोश बदमाश वहां पहुंचे और अचानक फायरिंग कर दी।
हमलावरों ने बेहद करीब से गोली चलाई, जो सीधे उनके सिर में लगी। गोली लगते ही दानिश अली गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल विश्वविद्यालय प्रशासन को सूचना दी गई। गंभीर हालत में शिक्षक को तुरंत जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर फैलते ही एएमयू परिसर में अफरा-तफरी मच गई। छात्र, शिक्षक और कर्मचारी स्तब्ध नजर आए और कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने लगे।मामले की गंभीरता को देखते हुए नीरज कुमार जादौन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, स्वयं मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है। कैंपस और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जबकि फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कारतूस और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं।
हमलावरों की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं।पुलिस के अनुसार फिलहाल हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। व्यक्तिगत रंजिश, पुरानी दुश्मनी और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। परिजनों और सहकर्मियों का कहना है कि राव दानिश अली का किसी से कोई विवाद नहीं था। वे पिछले लगभग 11 वर्षों से एबीके यूनियन हाई स्कूल में कंप्यूटर शिक्षक के रूप में कार्यरत थे और अपने शांत स्वभाव के लिए जाने जाते थे।घटना के बाद एएमयू परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और विश्वविद्यालय प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा में जुटा है। सुरक्षित माने जाने वाले शैक्षणिक परिसर में शिक्षक की दिनदहाड़े हत्या ने न केवल अलीगढ़ बल्कि पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
