कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विंग कमांडर ने कहा कि भारतीय वायु सेना विश्व की उत्कृष्ट वायु सेना में से एक है, इसमें ऑफिसर बनने का एक अच्छा अवसर है। सभी स्ट्रीम के छात्र एयर फोर्स जॉइन कर देश सेवा कर सकते हैं। भारतीय वायु सेना ‘मिशन टू प्रीपेयर फॉर वॉर एंड डिटेक्ट इट’ के तहत कार्य करती है। हमारा मानना है कि लड़ाई की तैयारी करेंगे तो लड़ने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
विंग कमांडर ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से भारतीय वायु सेना के शौर्य को दिखाते हुए कहा कि 1971 भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान भारतीय वायु सेना की वीरता को लोंगेवाला पोस्ट पर दर्शाया गया। भारतीय वायु सेना अपने एयर फोर्स ऑपरेशन ‘मनसा-वाचा-कर्मणा’ के सिद्धांत पर कार्य करती है चाहे लड़ाई में सीमा पार करना हो, सेना का साजो-समान पहुचना हो या मुश्किल घड़ी में नागरिकों की मदद करना और उनका बचाव करना होता है।
मुख्य अतिथि ने कहा कि परमवीर चक्र वीरता के लिए दिया जाता है, फ्लाइंग ऑफीसर निर्मलजीत को पहला परम वीर चक्र दिया गया था जो अदम्य साहस और वीरता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि भारतीय वायु सेना वर्तमान में अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली और रडार का प्रयोग करती है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा करते हुए कहा कि भारतीय वायु सेना तीनो सेनाओं के साथ संयुक्त ऑपरेशन में सहयोग करती है। पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन में छात्र छात्राओं से वायु सेना संबंधी क्विज का आयोजन कर सही उत्तर देने वाले कई छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। प्रो. फर्रुख जमाल ने वायु सेना के अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि वायु सेना भारत का अभेद्य सुरक्षा कवच है जो हर पल हवा से दुश्मनों पर दृष्टि रखती है।
