आईजीआई एयरपोर्ट के पुलिस उपायुक्त विचित्र वीर ने शुक्रवार को बताया कि 27 सितंबर 2019 को आईजीआई एयरपोर्ट इमिग्रेशन ने शिकायत दी थी कि 9 भारतीय यात्रियों को इथियोपिया से डिपोर्ट किया गया। उनके पास जो निरंतर निर्वहन प्रमाणपत्र था, वह फर्जी पाया गया। यह कथित तौर पर समोआ सरकार के नाम पर जारी किए गए थे। जांच में स्पष्ट हुआ कि समोआ सरकार ने ऐसे किसी निरंतर निर्वहन प्रमाणपत्र को जारी ही नहीं किया। इस मामले में एफआईआर दर्ज किया गया।

पुलिस उपायुक्त ने बताया कि जांच में दो यात्रियों ने खुलासा किया कि ये फर्जी निरंतर निर्वहन प्रमाणपत्र उन्हें एजेंट गुरुअमृतपाल सिंह उर्फ पाली ने 20-20 लाख रुपये लेकर दिए थे। पुलिस को पता चला कि वह कनाडा में रहता है। हाल ही में जब वह भारत लौटा, तो उसे अहमदाबाद एयरपोर्ट से दबोच लिया गया।

वहीं पूछताछ में गुरुअमृतपाल सिंह ने बताया कि वह कॉलेज के समय राष्ट्रीय स्तर का कबड्डी खिलाड़ी रह चुका है। उसने गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, पंजाब से कबड्डी खेली और 1996-97 में कनाडा के हैमिल्टन पंजाब स्पोर्ट्स क्लब से भी खेला। साल 1995 में वह परिवार के साथ कनाडा शिफ्ट हो गया। जल्दी पैसे कमाने की लालच में वह एजेंटों के संपर्क में आया और फर्जी दस्तावेज बनाकर लोगों को विदेश भेजने लगा।

सितंबर 2025 में बड़ी कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि सितंबर 2025 के महीने में कुल 52 लोगों को फर्जी वीजा और पासपोर्ट मामलों में गिरफ्तार किया गया है। इसमें कई पुराने मामलों में वांछित आरोपित भी शामिल हैं।

By editor

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