वाराणसी, 18 अगस्त । उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में गंगा और उसकी सहायक नदियों में आई बाढ़ का पानी उतरने के बाद गंगा घाटों पर जमा कीचड़ और गाद की सफाई के लिए नगर निगम के साथ नमामि गंगे ने भी कमर कस लिया है। सोमवार को दशाश्वमेध घाट पर बाढ़ के बाद की बदहाल स्थिति को सुधारने के लिए स्वच्छता अभियान चलाया गया। नगर निगम के कर्मियों के साथ नमामि गंगे के स्वयंसेवकों ने मिलकर घाट पर सफाई अभियान में भागीदारी की। इस दौरान गंगा नदी में बह रहे पूजा सामग्री और बाढ़ के अवशिष्ट को बाहर निकला गया। स्वच्छता अभियान के तहत घाट पर एक टन से अधिक कचरा गंगा से बाहर निकला गया। अभियान में शामिल होने के आह्वान पर घाट पर उपस्थित नगरवासियों ने भी स्वच्छता में हाथ बंटाया और सहयोग किया। स्वयंसेवकों ने गंगा सफाई के महत्व को लेकर लोगों को जागरुक भी किया। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला ने बताया कि बाढ़ के बाद गंगा की तलहटी और सतही जल में कई प्रकार की वस्तुएं आ जाती हैं, जिनसे गंगाजल प्रदूषित होता है। उन्होंने कहा कि गंगा घाटों पर फैली सिल्ट और अन्य अवशिष्टों की सफाई जरूरी है, ताकि गंगा घाट स्वच्छ रहें और पर्यटकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। श्रमदान में नगर निगम के सुपरवाइजर कामेश्वर सेठ, स्वच्छता कर्मचारी दिनेश चौधरी, गोपाल साहनी, सेवी भारती, सुनील कुमार, रेखा, महेंद्र साहनी, अनीता वर्मा, मोहन ने भागीदारी की।

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