मुज़फ्फरनगर | मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में मीरापुर निवासी एक परिवार ने आरोप लगाया कि उनकी पुश्तैनी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। परिवार का कहना है कि इस मामले में पूर्व ब्लॉक प्रमुख की ओर से लगातार दबाव और उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे किसी भी सूरत में अपनी जमीन पर कब्जा नहीं होने देंगे और न्याय पाने के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।

परिवार के सदस्य सुनील नंदवानी, अनिल नंदवानी, गुरजीत नंदवानी और राजेन्द्र नंदवानी ने बताया कि उनके पिता जीवनदास ने कई साल पहले अपनी जमीन एक ऑपरेटिव सोसाइटी को दी थी। वर्ष 2017 में संयुक्त आयुक्त और संयुक्त निबंधक सहकारिता की जांच और आदेश के बाद यह जमीन परिवार को वापस मिल गई। उन्होंने बताया कि 1998 में हुए पारिवारिक समझौते में भाइयों के बीच हिस्सेदारी भी तय हो चुकी थी और इसके सभी दस्तावेज रिकार्ड में मौजूद हैं।परिवार ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद समाजवादी पार्टी से जुड़े पूर्व ब्लॉक प्रमुख योगेश, जो पेशे से वकील हैं, ने करीब 25 एकड़ जमीन अपने नाम कराने का दबाव बनाया। परिजनों का कहना है कि योगेश ने अपने वकालतन ज्ञान और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए सरकारी अधिकारियों तक गलत शिकायतें पहुंचाईं और झूठे मुकदमों से उन्हें परेशान करने का प्रयास किया।

प्रेस वार्ता में परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उन पर लगाए गए सरकारी जमीन कब्जाने के आरोप पूरी तरह गलत और निराधार हैं। उनका कहना है कि यह जमीन कानूनी प्रक्रिया से परिवार को वापस मिली है, इसलिए कब्जे की बात ही नहीं उठती। उन्होंने साफ किया कि यदि जमीन से होकर कोई नाली या रास्ता गुजरता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन निजी हिस्से पर कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।परिवार ने आरोप लगाया कि इस मामले को वे कई बार अदालतों में भी उठा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बार-बार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

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