वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि अकाउंट एग्रीगेटर (एए) फ्रेमवर्क आधिकारिक तौर पर 2 सितंबर, 2021 को लॉन्च किया गया, जिसने वित्तीय डेटा साझा करने के लिए एक सुरक्षित, सहमति-आधारित प्रणाली स्थापित की। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने 2016 में ‘एए’ पारिस्थितिकी तंत्र के लिए मास्टर दिशा-निर्देश जारी किए थे। मंत्रालय ने चौथी वर्षगांठ पर कहा कि एए पारिस्थितिकी तंत्र तेजी से विकसित हुआ है। बैंकिंग, प्रतिभूति, बीमा और पेंशन क्षेत्रों में इसे तेज़ी से अपनाया जा रहा है, जिससे भारत का डीपीआई (डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना) मज़बूत हो रहा है।

मंत्रालय के मुताबिक आज तक 112 वित्तीय संस्थान वित्तीय सूचना प्रदाता (एफआईपी) और वित्तीय सूचना उपयोगकर्ता (एफआईयू) दोनों के रूप में सक्रिय हो चुके हैं, जबकि 56 केवल एफआईपी और 410 एफआईयू के रूप में सक्रिय हो चुके हैं। एए फ्रेमवर्क के जरिए अब 2.2 अरब से अधिक वित्तीय खाते सुरक्षित, सहमति-आधारित डेटा साझाकरण के लिए सक्षम हैं और 112.34 मिलियन उपयोगकर्ता पहले ही अपने खातों को लिंक कर चुके हैं, जो इस परिवर्तनकारी पहल में बढ़ते पैमाने और विश्वास को रेखांकित करता है।

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