सांसद संजय सिंह कोई अंजान व्यक्ति नहीं है। आरोपी को इतनी बार बयान देते हुए सांसद संजय सिंह का नाम याद नही आया। अचानक से ईडी द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपी से सांसद संजय सिंह के खिलाफ बयान दिलवाया गया। महीने भर के अंदर आरोपियों को जमानत मिल गई और ईडी ने उसकी जमानत का विरोध नहीं किया जमानत के कुछ दिन बाद ही उसको सरकारी गवाह बना दिया गया l
संजय सिंह ने मणिपुर हिंसा में महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने जैसे जघन्य अपराध के खिलाफ सदन में आवाज उठाई थी। उन्हे राज्यसभा से पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया और आज तक वो निलंबित है। सांसद लगातार दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, अल्पसंख्यको व समाज के कमज़ोर वर्गो की आवाज लगातार उठाते रहे है। सरकार से सवाल पूछते रहे है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि संजय सिंह ने समय समय पर किसानों के हितों की रक्षा के लिए , युवाओं के रोजगार के लिए , पुरानी पेंशन की बहाली के लिए महिलाओं की सुरक्षा के लिए देश में बढ़ती मंहगाई के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक आवाज उठाते रहे हैं।
महानगर अध्यक्ष अंकित गिरी ने कहा सांसद संजय सिंह के खिलाफ ये पूरा मामला फर्जी बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित है। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्त्ता इस अवैध गिरफ़्तारी के विरोध में पूरे उत्तर प्रदेश में आंदोलनरत हैं l
राष्ट्रपति से अनुरोध करते है कि उक्त मामले में उचित कार्यवाही कर हस्तक्षेप करने की कृपा करें। जिससे संविधान की रक्षा करने वाले सांसद संजय सिंह सहित लाखों करोड़ लोगों को न्याय मिल सके। इस दौरान जिला महासचिव जीएस राजवंशी, जिला मीडिया प्रभारी हर्ष वशिष्ठ, जिला उपाध्यक्ष मनोज शर्मा, जिला सचिव हेम कुमार, दक्षिण विधानसभा अध्यक्ष सलीम मंसूरी मौजूद रहे।
