विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने दिल्ली में आर्मेनिया के विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान का स्वागत करते हुए खुशी जाहिर की। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, शिक्षा, संपर्क, गतिशीलता और संस्कृति को बढ़ावा देने पर उपयोगी चर्चा हुई। इसके अलावा, वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।

जयशंकर ने वीडियो में कहा कि आर्मेनिया के विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान का दिल्ली में स्वागत करते हुए उन्हें हमेशा खुशी होती है। उन्होंने दोनों देशों के बीच संबंधों के महत्व को रेखांकित किया और कहा कि ये संबंध इतिहास में बहुत गहरे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आर्मेनियाई अखबार भारत में प्रकाशित हुआ था, जो इस बात का प्रतीक है कि दोनों देशों के बीच रिश्ते बहुत पुरानी और मजबूत जड़ें रखते हैं।

विदेश मंत्री ने इस दौरान कहा कि दोनों देशों के बीच अच्छा राजनीतिक सहयोग है और व्यापार के आंकड़े बढ़ रहे हैं। रक्षा क्षेत्र में भी सहयोग मजबूत हो रहा है, और संस्कृति दोनों देशों के रिश्तों का एक मजबूत स्तंभ बना हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि आर्मेनिया में कई भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जिनकी देखभाल के लिए आर्मेनिया का धन्यवाद किया।

जयशंकर ने बताया कि भारत और आर्मेनिया के बीच लोगों के बीच अच्छे संबंध हैं और दोनों देशों के बीच आदान-प्रदान लगातार बढ़ रहा है। उनका एजेंडा इस बात पर केंद्रित है कि इन रिश्तों को और कैसे बेहतर किया जा सकता है। उन्होंने आर्मेनिया के साथ हुए पूर्व की महत्वपूर्ण बैठकों का जिक्र करते हुए बताया कि दिसंबर में नेशनल असेंबली के अध्यक्ष एलन सिमोनियान के नेतृत्व में आर्मेनिया का संसदीय प्रतिनिधिमंडल भारत आया था, जो एक अहम पहल थी।

उन्होंने आर्मेनिया की अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और वैश्विक दक्षिण में सक्रिय भागीदारी की सराहना की और बताया कि दोनों देशों के लिए संयुक्त राष्ट्र में भी मिलकर काम करने का अच्छा अवसर है। जयशंकर ने मिर्जोयान का स्वागत करते हुए कहा कि वह उनके विचारों को सुनने के लिए तत्पर हैं और भविष्य में इन रिश्तों को और प्रगति की ओर ले जाने की दिशा में काम करेंगे।

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