UP News: पूर्व ब्लॉक प्रमुख योगेंद्र सिंह हत्याकांड के बारे में जब भी बात होती है। तब सुनने वालों की रूह कांप जाती है। जरा सोचिए, उनके परिवार पर वह समय कैसा बीता होगा? उस समय पूरा परिवार टूट गया था लेकिन, कोई हारा नहीं।
परिस्थितियों से लड़कर बेटी आयुषी सिंह करीब नौ साल बाद डिप्टी एसपी भी बन गईं। मगर, वह अभी रुकने वाली नहीं हैं। वह आईपीएस अधिकारी बनकर पिता के सपने को पूरा करना चाहती हैं। जिसके लिए वह डिप्टी एसपी के पद पर अपना शत प्रतिशत देने के साथ यूपीएससी परीक्षा की तैयारी भी शुरू कर दी है।
आयुषी की पहली तैनाती बुलंदशहर में हुई है, जहां वह मंगलवार को पहुंच गईं। दीक्षा समारोह के बाद सोमवार को जब वह घर पहुंची, तब बधाई देने वालों का तांता लग गया। फूल बरसाए गए।
डिलारी की ब्लाक प्रमुख पूनम सिंह की बेटी आयुषी सिंह ने सोमवार को डिप्टी एसपी के पद पर शपथ ली। इसके बाद जब वह अपने परिवार से मिली, तो हर कोई भावुक हो उठा। आयुषी का जीवन किसी भी परिस्थितियों में हार न मानने की कहानी बयां करती हैं। उन्होंने अपने जीवन में बहुत से ऐसे पल देखे, जहां पूरे परिवार पर परेशानियों का पहाड़ टूट पड़ा। सिर से पिता का सहारा उठ गया। इन परिस्थितियों में भी खुद पर विश्वास कभी टूटने नहीं दिया। वह डिप्टी एसपी बनी, तो पिता के अधूरे सपने को पूरा करने की खुशी थी लेकिन, जीवन के इतने अहम पल में पिता के साथ न होने का गम उनके चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा था। इस समय वह अपनी मां और भाई से मिलकर भावुक भी हो गई।
आयुषी जब घर पहुंची, तो परिवार वालों ने जोरदार स्वागत किया। आयुषी ने बताया कि पिता के सपने को सच करना किसी भी बेटी के लिए सम्मान की बात होती है। मुझे अभी यहीं नहीं रुकना है। मेरी लक्ष्य आईपीएस अधिकारी बनना है जिसके लिए यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी करनी है। डिप्टी एसपी के पद पर रहकर हर पीड़ित को इंसाफ दिलाना प्राथमिकता है।
