सैलानियों में शामिल सुधांशु मिश्रा ने बताया कि समूह में शामिल सभी कर्मचारी रियल स्टेट का काम करने वाली भाग्यांश ग्रुप ऑफ कंपनी में कार्यरत हैं। वे बाइट ईवेंट कंपनी के माध्यम से गत 12 जुलाई को मुक्तेश्वर के पास सतबुंगा स्थित कासा ड्रीम रिजॉर्ट में रुके थे। आज 14 जुलाई को उन्हें यहां से लौटना था। सुबह 10 बजे उनसे कमरे खाली कराए गये। बाहर आकर वह गाड़ियों में बैठे लेकिन गाड़ियों को गेट से बाहर नहीं निकलने दिया गया। दो घंटे गाड़ियों में बैठे रहने के बाद भी सभी 85 लोग अपने बैग आदि सामान के साथ होटल परिसर में बाहर बंधक बने रहे।
उन्हें पीने को पानी तक नहीं दिया गया। मामले की सूचना स्थानीय मुक्तेश्वर पुलिस के साथ एसएसपी नैनीताल को भी दी गयी। इस दौरान मुक्तेश्वर पुलिस भी धारी तहसील में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया में व्यस्त थी, और पता करने पर किराये का विवाद बताया गया। ऐसे में पुलिस ने भी किराये के विवाद को आपस में सुलझा लेने को कहा लेकिन पूरे दिन 85 लोगों के बंधक बनाने की खबर फैलने पर मुक्तेश्वर पुलिस थाना प्रभारी जगदीप नेगी के नेतृत्व में रिजॉर्ट में पहुंची और पर्यटकों को शाम 5 बजे के बाद पूरी धनराशि चुकाने के बाद मुक्त कराया जा सका।
बताया गया है कि पहले कंपनी एवं टूर ऑपरेटर के बीच 50 फीसद भुगतान बीच में और पूरा भुगतान लौटने पर देने की बात हुई थी, लेकिन टूर ऑपरेटर ने रिजॉर्ट प्रबंधन की मदद से पूरा 4 लाख रुपये भुगतान करने पर भी पर्यटकों को छोड़ने की शर्त पर बंधक बनाये रखा।

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