कोयला मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि वाणिज्यिक खनन के लिए कोयला ब्लॉक नीलामी का 12वां दौर शुरू 27 मार्च को किया गया। इसके बाद 28 जुलाई से 31 जुलाई तक तीन पूर्णतः अन्वेषित और चार आंशिक रूप से अन्वेषित कोयला ब्लॉकों की नीलामी की गई है। इन सात कोयला ब्लॉकों में लगभग 1,761.49 मिलियन टन का संयुक्त भूवैज्ञानिक भंडार है। पूर्णतः अन्वेषित कोल ब्लॉकों की संचयी अधिकतम निर्धारित क्षमता (पीआरसी) 5.25 एमटीपीए है। इन कोयला ब्‍लॉकों की नीलामियों में औसतन 26.70 फीसदी राजस्व हिस्सेदारी हासिल हुई। मंत्रालय ने कहा कि इन ब्लॉकों से लगभग 719.90 करोड़ रुपये (आंशिक रूप से खोजे गए ब्लॉकों को छोड़कर) का वार्षिक राजस्व उत्पन्न होने की उम्मीद है। इसके अलावा लगभग 787.50 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश आकर्षित होने और 7,098 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।

देश में 2020 में वाणिज्यिक कोयला खनन की शुरुआत के बाद से अबतक कुल 131 कोयला ब्लॉकों की सफलतापूर्वक नीलामी की जा चुकी है, जिनकी उत्पादन क्षमता 277.31 मिलियन टन प्रति वर्ष है। चालू होने पर ये कोयला ब्लॉक घरेलू कोयला उत्पादन को बढ़ाने और देश को कोयला क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इन ब्लॉकों से सामूहिक रूप से 39,359 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व, 41,597 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश और कोयला-उत्पादक क्षेत्रों में 3,74,916 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

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