भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए आज (19 जनवरी 2026) एक बहुत बड़ी और अच्छी खबर आई है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने अपने ताजा ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक’ (WEO) अपडेट में भारत की विकास दर के अनुमान को बढ़ा दिया है. IMF के अनुसार, भारत वित्त वर्ष 2025-26 में 7.3% की दर से बढ़ेगा. यह उनके पिछले अनुमान (6.6%) से 0.7% अधिक है.
IMF ने क्यों बढ़ाया भारत का अनुमान?
IMF ने इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य रूप से 3 बड़े कारण बताए हैं:
1. मजबूत तीसरी तिमाही: भारत का आर्थिक प्रदर्शन पिछली तिमाही में उम्मीद से कहीं बेहतर रहा है.
2. घरेलू मांग : भारत में खपत और मांग में लगातार तेजी बनी हुई है, जो विकास को गति दे रही है.
3. चौथी तिमाही का मोमेंटम: चालू वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही में भी अर्थव्यवस्था के मजबूत रहने के संकेत मिल रहे हैं.
अन्य संस्थाओं के अनुमान
IMF के इस अपग्रेड के बाद अब भारत के विकास दर के अनुमान अन्य बड़ी संस्थाओं के और करीब आ गए हैं:
- भारत सरकार (NSO): 7.4% का अनुमान
- विश्व बैंक (World Bank): 7.2% का अनुमान
- मूडीज (Moody’s): 7.3% का अनुमान
इसका आपके ऊपर क्या असर होगा?
- रोजगार के अवसर: 7% से ऊपर की ग्रोथ रेट का मतलब है कि देश में निवेश बढ़ेगा, जिससे नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे.
- निवेश: शेयर बाजार के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है क्योंकि विदेशी निवेशक (FIIs) भारत को एक सुरक्षित और तेजी से बढ़ते बाजार के रूप में देखेंगे.
- घरेलू आय: मूडीज जैसी रेटिंग एजेंसियों का मानना है कि इस ग्रोथ से औसत घरेलू आय (Average Household Income) में सुधार होगा. यानी आपकी जेब में ज्यादा पैसा रहेगा.
बता दें कि IMF ने यह भी कहा है कि AI को लेकर बहुत ज्यादा उम्मीदें और वैश्विक स्तर पर बढ़ते ‘ट्रेड वॉर’ जैसे कि अमेरिका के लगाए जा रहे टैरिफ से भविष्य में वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं.
