मुज़फ्फरनगर। मैक्स हॉस्पिटल भयानक बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए संकट मोचन साबित हो रहा है। पूर्व में भी जनपद मुजफ्फरनगर में मरीजों के लिए दिल्ली जैसी सुविधाओं को लेकर आने का कार्य मैक्स हॉस्पिटल द्वारा ही किया गया था। मंगलवार को शहर के होटल गैलेक्सी में पत्रकारों से वार्ता के दौरान मेक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल वैशाली में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के कंसल्टेंट डॉक्टर चिराग जेन ने कहा, “हर मंगलवार को हमारी जो ओपीडी चलती है. पहले नजमा ने वहा दिखापा था. शुरुआती हायोसिस के बाद जब उन्हें अपने दाहिने स्तन में गाठ महसूस होने लगी तो उन्होंने मैक्स हॉस्पिटल वेशाली में दिखाया यहां उनकी मेमोग्राफी और बायोप्सी की गई जांच में पता चला कि उन्हें बेसा केसर है जो अभी बेस्ट तक ही सीमित था मरीज को सर्जरी की सलाह दी गई, जिसमें दो विकल्प थे, या तो पूरी बेस्ट का रिमूवल या फिर बेस्ट को बचाते हुए सर्जरी नजमा परवीन ने पूरे स्तन को हटाने वाला विकल्प चुना सेंटिनल लिम्फ नोड बायोप्सी के साथ मरीज की सर्जरी की गई। बायोप्सी में पता चला था कि उनका बेस्ट कैंसर दूसरी स्टेज में है व्यापक दृष्टिकोण, पैथोलॉजी मूल्यांकन कबाइनिंग सर्जिकल इंटरवेशन ने बेहतर ट्रीटमेंट प्लान में अहम भूमिका निभाई। डॉक्टर चिराग जैन ने आगे बताया, “नजमा परवीन के मामले में कई तरह के चैलेंज थे, लेकिन मैक्स हॉस्पिटल वैशाली की हमारी टीम हमेशा हाई स्टैंडर्ड की केयर देने के लिए प्रतिबद्ध रहती है पूरे बेस्ट को हटाने का फैसला और कीमोथेरेपी के जरिए ये सुनिश्चित किया गया कि मरीज के लिए अच्छे रिजल्ट आएं। इलाज मिलने पर मरीज ने सकारात्मक रिस्पॉन्स किया।
