देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। जहाँ एक ओर उत्तर भारत में बारिश, आंधी और तेज़ हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है वहीं दक्षिण भारत में भारी वर्षा का अनुमान है। इन सबके बीच पंजाब और हरियाणा में अभी भी भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है।

उत्तर भारत में बारिश और आंधी की चेतावनी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आगामी दिनों में उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक, आंधी और तेज़ हवाओं की चेतावनी जारी की है। लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक 25 से 26 मई तक उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

उत्तर प्रदेश के लगभग 70 जिलों जिनमें वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर, देवरिया, लखनऊ, मथुरा, मेरठ, बरेली, अयोध्या, कानपुर और प्रयागराज शामिल हैं के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

दक्षिण भारत में मूसलाधार बारिश का अनुमान

दक्षिण भारत में मौसम अधिक सक्रिय है। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, गोवा और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में अगले पांच दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। IMD के अनुसार 24 से 26 मई तक केरल में और 24 से 27 मई तक तटीय कर्नाटक व घाट क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश हो सकती है। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र के मध्य क्षेत्रों और गोवा में भी 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ-साथ वर्षा की गतिविधियां तेज़ रहेंगी।

पंजाब और हरियाणा में गर्मी का कहर जारी

उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना के बावजूद पंजाब और हरियाणा में गर्मी का प्रकोप चरम पर है। पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर में 48 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया जो देश में सबसे अधिक रहा। मौसम विभाग ने इन इलाकों में 27 मई तक लू चलने की संभावना जताई है। साथ ही धूल भरी आंधी और गर्म रातें भी इन क्षेत्रों को प्रभावित कर सकती हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे घरों में रहें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।

किसानों के लिए विशेष चेतावनी

मौसम विभाग ने किसानों के लिए भी विशेष चेतावनी जारी की है। तेज हवाएं और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है विशेषकर मक्का, मूंगफली, मूंग, सूरजमुखी और अन्य बागवानी फसलों में फूल और फल झड़ सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि कीटनाशक या उर्वरकों का छिड़काव केवल तभी करें जब हवाएं शांत हों। साथ ही खेतों में हल्की सिंचाई करके नमी बनाए रखने की सलाह भी दी गई है।

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