दुनिया भर में सोने की चमक एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय बाजारों से लेकर भारतीय मार्केट तक, सोने की कीमतों में तेज़ी देखी गई थी। हालांकि दिवाली के बाद घरेलू स्तर पर थोड़ी गिरावट जरूर आई, लेकिन कुल मिलाकर यह कीमतें अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। अब जब साल 2025 अपने अंतिम महीनों में है, निवेशकों की निगाहें 2026 पर टिकी हैं – और इसी बीच एक पुरानी भविष्यवाणी ने बाजार में नई चर्चा छेड़ दी है।

‘रहस्यमयी बाबा वेंगा’ की 2026 की भविष्यवाणी
बल्गारिया की प्रसिद्ध रहस्यवादी बाबा वेंगा (Baba Vanga), जिनकी कई पुरानी भविष्यवाणियां वैश्विक घटनाओं से जुड़ी रही हैं, ने कथित तौर पर कहा था कि साल 2026 में दुनिया आर्थिक उथल-पुथल से गुज़रेगी। उनके अनुसार, वैश्विक मंदी और वित्तीय संकट के चलते सोने की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल देखा जा सकता है। वेंगा का मानना था कि जब मुद्रा बाज़ार अस्थिर होते हैं, तब लोग फिर से सोने को “सुरक्षित निवेश” के रूप में अपनाते हैं — और यही कारण होगा कि 2026 में सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच जाएगा।

विशेषज्ञों का अनुमान: 25-40% तक बढ़ सकता है सोना
बाजार विश्लेषकों का भी मानना है कि अगर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है तो सोने की कीमतें अगले वर्ष 25 से 40 प्रतिशत तक उछल सकती हैं। विश्लेषण के मुताबिक, अगर यह रुझान कायम रहता है तो 2026 की दिवाली तक सोना ₹1,62,500 से ₹1,82,000 प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है — जो अब तक का नया सर्वकालिक उच्च स्तर (All-Time High) होगा।

घरेलू बाजार की मौजूदा स्थिति
वर्तमान में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 दिसंबर एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर 24 अक्टूबर को ₹1,23,587 प्रति 10 ग्राम पर खुला था। ट्रेडिंग सत्र खत्म होने तक इसमें मामूली गिरावट दर्ज की गई और यह ₹1,23,451 पर बंद हुआ। पिछले हफ्ते यह ₹1,24,239 के ऊपरी स्तर तक गया था, जबकि ₹1,21,400 के निचले स्तर को भी छू चुका है।

दिवाली से पहले सोना ₹1,30,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था, जो अब तक की सबसे बड़ी तेजी में से एक थी। हालांकि, त्योहारी खरीदारी के बाद थोड़ी मंदी देखने को मिल रही है, लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि यह केवल “तकनीकी करेक्शन” है, लंबी अवधि में सोने का रुख अब भी सकारात्मक है।

क्यों बढ़ सकती है सोने की चमक
-वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और मंदी की आशंका
-डॉलर में गिरावट और क्रूड ऑयल मार्केट की अस्थिरता
-निवेशकों का सोने को सुरक्षित विकल्प के रूप में अपनाना
-केंद्रीय बैंकों द्वारा गोल्ड रिजर्व बढ़ाने की प्रवृत्ति

बाबा वेंगा की भविष्यवाणी और निवेशकों की उम्मीदें
हालांकि बाबा वेंगा की भविष्यवाणियों पर हमेशा विवाद रहा है, लेकिन उनकी बातें बाजार भावनाओं पर असर डालती हैं। 2026 के लिए सोने की दिशा अब पूरी तरह वैश्विक आर्थिक हालात पर निर्भर करेगी- पर अगर वेंगा की “स्वर्णिम भविष्यवाणी” सच साबित होती है, तो अगला साल निवेशकों के लिए वाकई सुनहरा साबित हो सकता है।

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