वाराणसी, 20 अगस्त । उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में शुद्ध पेयजल आपूर्ति को लेकर एक बड़ी पहल की जा रही है। नगर निगम वाराणसी के विस्तारीकरण क्षेत्र में ट्रांस वरुणा दीनापुर जोन (फेज-1, पार्ट-ए) के अंतर्गत चल रही पेयजल परियोजना का बुधवार को जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने स्थलीय निरीक्षण किया। इस परियोजना को अमृत 2.0 योजना के तहत 171.54 करोड़ रूपये की लागत से मंजूरी दी गई है। फिलहाल इसकी भौतिक प्रगति 10 प्रतिशत है, और इसे सितंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया गया है।
अधिशासी अभियंता, जल निगम (नगरीय), निर्माण खंड-1 ने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रस्तावित 10 शिरोपरि जलाशयों में से 6 पर कार्य प्रगति पर है, जबकि 21 प्रस्तावित नलकूपों में से 14 नलकूप तैयार हो चुके हैं। साथ ही, 414 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित जल वितरण प्रणाली में अब तक 19 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। योजना पूर्ण होने के बाद नगर निगम के छह वार्ड – दीनापुर, सलारपुर, लेढ़ुपुर, सारनाथ और रमदतपुर के 20,176 घरों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि वितरण प्रणाली के कार्य में तेजी लाई जाए तथा शेष 4 शिरोपरि जलाशयों का कार्य भी शीघ्र प्रारंभ कर समय सीमा के भीतर परियोजना को पूरा किया जाए।
—सूजाबाद में सीवर परियोजना का भी निरीक्षण, 38 फीसदी कार्य पूर्ण
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने नगर निगम वाराणसी के विस्तारीकरण क्षेत्र सूजाबाद में चल रहे सीवर हाउस कनेक्शन और संबंधित कार्यों का भी स्थलीय जायजा लिया। यह परियोजना अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत 96.17 करोड़ रूपये की लागत से क्रियान्वित की जा रही है और वर्तमान में इसकी भौतिक प्रगति 38 प्रतिशत है। इसे मई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना के तहत 9 एमएलडी एमपीएस, 7 एमएलडी एसटीपी, 26.89 किमी सीवर नेटवर्क, 3981 सीवर हाउस कनेक्शन, राइजिंग मेन और एफ्लुएंट लाइन बिछाने का कार्य प्रस्तावित है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य की गुणवत्ता और गति, दोनों पर विशेष ध्यान देते हुए समयबद्ध ढंग से इसे पूर्ण किया जाए, जिससे क्षेत्रीय जनता को शीघ्र लाभ मिल सके।
