गोरखपुर जिले में एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है जिसने ठगी की सारी हदें पार कर दीं। यह गैंग केवल फर्जी शादी ही नहीं कराता था, बल्कि शादी के मंडप में नकली पुलिस बनकर परिवार को लूट लेता था। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के मास्टरमाइंड समेत 7 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

कोटा से गोरखपुर तक बिछाया गया जाल
राजस्थान के कोटा निवासी मुकेश मीणा अपने भाई ब्रह्ममोहन की शादी के लिए लड़की तलाश रहे थे। इसी बीच उनकी मुलाकात हरियाणा के बिचौलिए राजू शर्मा से हुई। राजू ने गोरखपुर की एक लड़की की फोटो दिखाई और रिश्ता पक्का कर दिया। शादी की रस्में निभाने के लिए राजस्थान का यह परिवार बड़े अरमानों के साथ गोरखपुर पहुंचा।

20 हजार में बनी फर्जी मौसी और घर बना मंडप
जांच में खुलासा हुआ कि यह पूरी शादी एक गहरी साजिश थी। 12 मार्च को गोरखपुर के एक हिस्ट्रीशीटर अंकुर सिंह के घर पर शादी का आयोजन किया गया। परिवार को यकीन दिलाने के लिए शैला देवी नाम की महिला को 20 हजार रुपए देकर लड़की की मौसी बनाया गया था। घर में बाकायदा जयमाल हुई और रस्में निभाई गईं।

जयमाला होते ही दारोगा की एंट्री
जैसे ही जयमाल की रस्म पूरी हुई, अचानक घर में पुलिस की वर्दी पहने कुछ लोग घुसे। इनका नेतृत्व खुद हिस्ट्रीशीटर अंकुर सिंह कर रहा था, जो दरोगा बनकर आया था। उसने परिवार को धमकाते हुए कहा कि यह शादी अवैध है और तुम सबको जेल जाना होगा।

बंधक बनाकर 3 लाख की वसूली
नकली पुलिस ने पूरे परिवार को एक कमरे में बंधक बना लिया और जेल भेजने का डर दिखाकर लाखों रुपए की मांग की। डरे-सहमे परिवार ने अपनी जान बचाने के लिए गिरोह को करीब 3 लाख रुपए दे दिए। पैसे हाथ लगते ही नकली पुलिस, बिचौलिया और दुल्हन के कथित रिश्तेदार मौके से फरार हो गए।

पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र ने बताया कि पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने जाल बिछाया और अंकुर सिंह व बिचौलिए राजू शर्मा समेत 7 लोगों को दबोच लिया। इनके पास से लूटी गई नकदी, नकली पुलिस आईकार्ड, वारदात में इस्तेमाल अन्य सामान बरामद किया गया है।

फरार है लुटेरी दुल्हन
पुलिस ने बताया कि इस खेल की मुख्य कड़ी यानी कथित दुल्हन और उसकी एक साथी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

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