दिल्ली ब्लास्ट को लेकर हर दिन कई नए खुलासे हो रहे हैं। इसी क्रम में अब ये भी सामने आ गया है कि आतंकियों ने दिल्ली ब्लास्ट के लिए किन-किन चीजों का इस्तेमाल किया था।

आपको बता दें कि 10 नवंबर, 2025 को दिल्ली में लाल किले के पास हुंडई i20 कार में विस्फोट हुआ। इस हमले में 13 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हैं। इस साजिश में अल-फलाह यूनिवर्सिटी के दो कर्मचारी डॉ. शाहीन सईद और डॉ. मुजम्मिल शकील मुख्य संदिग्ध हैं।

इस आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ का इंस्तेमाल किया गया है। पुलिस ने फरीदाबाद में 2,900 किलो विस्फोटक और साजिश के आरोप में अब तक 6 डॉक्टर और 2 मौलवी समेत 18 लोगों को गिरफ्तार किया है।

2 किलो से भी ज्यादा अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल

सूत्रों के हवाले से पता चला है कि लाल किला ब्लास्ट में करीब 2 किलो से भी ज्यादा अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया। डॉक्टर उमर मोहम्मद बम बनाने में एक्सपर्ट था।।

ब्लास्ट में इस्तेमाल i20 कार के 60 प्रतिशत मिले एक्जाबिट से खुलासा हुआ है कि ब्लास्ट के लिए डेटोनेटिंग मैटेरियल का भी इस्तेमाल हुआ था। फॉरेंसिक टीम को मौके से पतले तार मिले है। आपको बता दें कि डेटोनेटिंग मेटीरियल माईनिंग में इस्तेमाल होता है।

महज 5 से 10 मिनट में ब्लास्ट

इसके अलावा ब्लास्ट करने के लिए पेट्रोलियम ऑयल का भी इस्तेमाल किया गया था। जांच एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, फॉरेंसिक टीम को अभी तक मिले 52 से ज्यादा एक्सप्लोसिव्स से जुड़े सैंपल्स से पता चला कि आतंकी डॉक्टर उमर मोहम्मद ने अमोनियम नाइट्रेट में पेट्रोलियम ऑयल और डेटोनेटिंग मैटीरियल से विस्फोटक तैयार किया होगा।

ये भी अनुमान लगाया जा रहा है कि महज 5 से 10 मिनट में उमर ने इस ब्लास्ट को अंजाम दिया होगा। फोरेंसिक जांच में भी यह खुलासा हुआ है कि इस तरह के एक्सप्लोसिव्स को ब्लास्ट करने के लिए महज 5 से 10 मिनट मे भी तैयार किया जा सकता है। अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या लाल किले की पार्किंग में 3 घंटे के दौरान उमर ने यह सब किया था या कोई और भी प्लानिंग थी।

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