नेपाल में सोशल मीडिया पर लगे बैन को हटाने को लेकर जो विरोध शुरू हुआ था, वह अब हिंसक रूप ले चुका है। Gen-Z के प्रदर्शन के आगे नेपाल की ओली सरकार को झुकना पड़ा। सोशल मीडिया ऐप से बैन का फैसला वापस लिया जा चुका है, लेकिन फिर भी लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। अभी भी लोगों का प्रदर्शन जारी है। इस बीच ओली सरकार के कई मंत्रियों का इस्तीफा भी आ गया है।
नेपाल के गृह मंत्री रमेश लेखक, स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्री प्रदीप पौडेल और कृषि मंत्री समेत कई लोगों ने इस्तीफा दे दिया। हालांकि, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने यूएमएल के मंत्रियों को इस्तीफा न देने का आदेश जारी किया। बावजूद इसके इस्तीफा सामने आ चुका है।
मंत्रियों और सरकारी भवन आग के हवाले
जेन-जी के इस विरोध प्रदर्शन ने इतना हिंसक रूप ले लिया है कि मंत्रियों के सरकारी आवासों और सरकारी भवनों में तोड़फोड़ कर आग के हवाले कर रहे हैं। भक्तपुर के बालाकोट में भी युवा विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बता दें, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का घर यहीं स्थित है। नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड के आवास पर भी युवा तोड़फोड़ कर रहे हैं।
केपी ओली से इस्तीफे की मांग
प्रदर्शनकारी नेपाली पीएम ओली से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने गृह मंत्री के पद से इस्तीफा देने वाले रमेश लेखक के घर में आग लगा दी है।
हिंसक प्रदर्शन में 20 की मौत 250 से अधिक घायल
मालूम हो कि सोमवार को राजधानी काठमांडू सहित देश भर के कई शहरों में गुस्साए हजारों की संख्या में Gen-Z लड़के और लड़कियां प्रदर्शन करते हुए नेपाल की संसद में घुस गए। संसद परिसर के गेट पर आग लगा दी गई। मामले को बढ़ता देख पुलिस को हवाई फायरिंग और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। वहीं, इस हिंसक प्रदर्शन में अब तक 20 लोगों के मारे जाने की खबर है, जबकि 250 से अधिक लोग जख्मी बताए जा रहे हैं। हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए नेपाल सरकार ने उपद्रव करने वालों को देखते ही गोली मारने का आदेश दिया था। नेपाल की राजधानी काठमांडू सहित 6 शहरों में कर्फ्यू लगाया गया है।
