जिलाधिकारी ने कहा कि यदि एक भी बच्चा टीकाकरण से वंचित रह जाता है, तो बीमारियों के उन्मूलन का सुरक्षा चक्र कमजोर पड़ता है। सभी विभागीय अधिकारी अभियान को लेकर माइक्रो स्तर पर प्रभावी योजना तैयार करें और ड्यू लिस्ट हर टीम के पास उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में 1330 बच्चे चिन्हित किए गए हैं, जो पूर्वाग्रह, सामाजिक परिवेश या गलत धारणाओं के कारण अब तक टीकाकरण से वंचित हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे बच्चों के अभिभावकों को समझाकर प्रेरित किया जाए जिससे कोई भी बच्चा टीके से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि इस विशेष अभियान के अंतर्गत बच्चों को तपेदिक, पोलियो, खसरा, डिप्थीरिया, काली खाँसी, टेटनस, हेपेटाइटिस-बी, रूबेला, न्यूमोनिया, डायरिया, जापानी इंसेफेलाइटिस और रोटावायरस संक्रमण जैसी 12 गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए टीके लगाए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि जागरूकता ही इस अभियान की कुंजी है। चिन्हित 35 स्थलों जैसे पत्थरकट्टा डबल पुलिया, विजयनगर मछली मंडी, मछरिया, गढ़ी कबीर नगर, काकादेव, वारिस नगर, चिश्ती नगर, राज नगर और मोती नगर में डोर-टू-डोर संपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसमें टीमें अभिभावकों को टीकाकरण के महत्व, सुरक्षा लाभ और बीमारियों से संभावित खतरे की जानकारी देंगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीदत्त नेमी, डॉ यूबी सिंह एसीएमओ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत कुमार सिंह, प्रोग्राम ऑफिसर जेएसआई हुदा जोहरा, डॉ हेमंत सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे।
