जिला आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डॉक्टर संजीव सारस्वत ने बताया कि लाभार्थियों की योजना से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कैंप लगाया जा रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में विशेष हेल्प डेस्क बनाई गई है, जहां लोग मौके पर ही अपना कार्ड बनवा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि कार्डधारकों को प्रत्येक वर्ष पांच लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत कार्ड बनवाने की प्रक्रिया अभी जारी है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील किया है कि यदि वे योजना के पात्र हैं और अब तक कार्ड नहीं बनवाया है तो नजदीकी जन सेवा केंद्र या सरकारी अस्पताल में जाकर अपना पंजीकरण करवा ले। उन्होंने कहा कि अगर आयुष्मान कार्ड से उपचार में कोई दिक्कत हो रही है तो लोग सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं।
