साल 2026 में 17 फरवरी को पड़े सूर्य ग्रहण के ठीक 15 दिन बाद, 3 मार्च 2026 को होलिका दहन के दिन वर्ष का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा। यह संयोग खगोलीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि सूर्य और चंद्र ग्रहण लगभग 15 दिनों के अंतराल पर तब ही पड़ते हैं जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक ही समतल (एक्लिप्टिक प्लेन) पर आ जाते हैं।
वैदिक ज्योतिष में इसे अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है, जबकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह पृथ्वी की छाया के चंद्रमा पर पूर्ण रूप से पड़ने की प्रक्रिया है।
चंद्र ग्रहण 2026: समय और दृश्यता
3 मार्च 2026 को लगने वाले इस पूर्ण चंद्र ग्रहण की समय-सारणी इस प्रकार रहेगी:
ग्रहण प्रारंभ: दोपहर 2 बजकर 16 मिनट
ग्रहण समाप्ति: शाम 7 बजकर 52 मिनट
यह ग्रहण भारत, पूर्वी एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर क्षेत्र, उत्तर अमेरिका तथा दक्षिण अमेरिका के उत्तरी हिस्सों में दिखाई देगा।
भारत के अधिकांश हिस्सों में आंशिक चंद्र ग्रहण दृश्य होगा, जबकि पश्चिमी भारत के कुछ क्षेत्रों में प्रच्छाया (पेनुम्ब्रल) प्रभाव अधिक रहेगा। चूंकि ग्रहण का प्रमुख भाग शाम के समय रहेगा, इसलिए देश के कई भागों में यह स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा।
होलिका दहन के साथ ग्रहण का संयोग
3 मार्च 2026 को होलिका दहन का पर्व भी मनाया जाएगा, जो होली से एक दिन पूर्व मनाया जाता है। इस प्रकार धार्मिक और खगोलीय दृष्टि से यह दिन विशेष महत्व रखता है।
ज्योतिष शास्त्र में पूर्णिमा तिथि पर लगने वाला चंद्र ग्रहण मन और भावनाओं पर प्रभाव डालने वाला माना जाता है, क्योंकि चंद्रमा मन का कारक ग्रह है।
इन 3 राशियों के लिए शुभ संकेत
वृषभ राशि
चंद्र ग्रहण का सकारात्मक प्रभाव वृषभ राशि के जातकों पर देखा जा सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार, रुके हुए कार्यों की पूर्ति और करियर में नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। अचानक धन लाभ के योग बन सकते हैं। निवेश और व्यवसाय में लाभ की संभावना प्रबल रहेगी।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों को भाग्य का साथ मिल सकता है। पदोन्नति, नई नौकरी या करियर में उन्नति के अवसर बन सकते हैं। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। विदेश से जुड़े अवसर मिल सकते हैं और आय में वृद्धि के संकेत हैं।
धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है। निवेश से लाभ, पारिवारिक सुख और करियर में प्रगति के संकेत हैं। वरिष्ठ अधिकारियों से संबंध मजबूत होंगे। व्यापार में आर्थिक वृद्धि और प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी।
वैज्ञानिक और धार्मिक सावधानियां
वैज्ञानिक दृष्टि से चंद्र ग्रहण एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है और इसका मानव जीवन पर प्रत्यक्ष भौतिक प्रभाव सिद्ध नहीं है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में:
मंत्र जाप और ध्यान करना शुभ माना जाता है।
गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और दान का महत्व बताया गया है।
3 मार्च 2026 का पूर्ण चंद्र ग्रहण खगोलीय, धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा। होलिका दहन के दिन पड़ने वाला यह ग्रहण न केवल आकाशीय दृश्य प्रस्तुत करेगा, बल्कि कई राशियों के लिए नए अवसरों और सकारात्मक बदलाव के संकेत भी दे सकता है।
