हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति बृजेश कुमार श्रीवास्तव को हाथरस हादसे की न्यायिक जांच के लिए गठित आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। उन्होंने कहा है कि आयोग ने अपने काम की शुरुआत गुरुवार से कर दी है।

उन्होंने कहा कि आयोग को जांच के लिए जो भी समय मिला है, उसमें हम जांच को खत्म करने की कोशिश करेंगे। हम मौके पर गए नहीं हैं, हम एक-दो दिन में हाथरस जाएंगे।

आयोग को जो काम मिला है, उसके तहत वे तथ्य जुटाएंगे। बृजेश श्रीवास्तव ने कहा कि, अभी हमारे पास कोई डॉक्यूमेंट नहीं है, जरूरत पड़ेगी तो हम सभी के बयान लेंगे, क्योंकि हमें सच्चाई पर जाना है। मीडियाकर्मियों की मदद लेने की आवश्यकता हुई तो वो वह भी ली जाएगी।

इस तरह से बृजेश श्रीवास्तव ने साफ कर दिया है कि आयोग पूरी घटना में मौके से तमाम साक्ष्य जुटाएगा। गुरुवार को आयोग ने हाथरस मामले में जांच के तहत बैठक कर ली है और इसके साथ ही जांच शुरू हो चुकी है।

जांच टीम को महज दो महीने का समय दिया गया है और पूरी जांच करके रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है।

हाथरस के दुखद हादसे जैसी घटनाओं की पुनरावृति ना हो, इसके लिए भी आयोग सुझाव देगा। हाथरस भगदड़ हादसे में हुई मौतों के लिए स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं।

जिस जगह हादसा हुआ, वहां 80 हजार लोगों के जुटने की इजाजत प्रशासन द्वारा दी गई थी, लेकिन मौजूद लोगों की संख्या दोगुने से भी ज्यादा बताई गई है।

ऐसे में आयोग इस बात की भी जांच करेगा कि जिला प्रशासन ने आयोजकों को किन शर्तों पर इस कार्यक्रम को करने की अनुमति दी थी।

साथ ही ये भी तय किया जाएगा कि हाथरस का मामला महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई सुनियोजित षड्यंत्र भी था।

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